गांवों में खुलेंगे 44 नए उप स्वास्थ्य केंद्र, शासन से मिली मंजूरी
प्रयागराज के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए 44 नए उप स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे। शासन ने इसके लिए मंजूरी दी है। इन केंद्रों का निर्माण टेंडर प्रक्रिया के बाद शुरू होगा। इससे ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, और बच्चों का उपचार मिलेगा।

प्रयागराज। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए जिले में 44 नए उप स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे। शासन ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। जिला पंचायत को बजट जारी करने का निर्देश भी दिया गया है। इसी महीने इन उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी। प्रशासन ने जिले के प्रत्येक ब्लॉक में उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए स्थान चिह्नित कर लिए हैं। पहले चरण में 44 केंद्र बनाए जाएंगे। जरूरत के अनुसार आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। नए उप स्वास्थ्य केंद्रों में ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों का इलाज और जरूरी दवाओं की सुविधा उपलब्ध होगी।
अधिकारियों का कहना है कि उप केंद्रों के शुरू होने से स्वास्थ्य सेवाएं गांव-गांव तक पहुंचेंगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचेगा। शासन ने जिला पंचायत को निर्माण कार्य के लिए बजट जारी करने के निर्देश दिए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। लक्ष्य है कि तय समय सीमा में सभी 44 केंद्रों को बनाकर संचालित किया जाए।जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह ने बताया कि इसके लिए लगातार मांग की जा रही थी। शासन ने इसे मंजूरी दे दी है। पंचायत के अधिकारियों को टेंडर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
लेखक के बारे में
Abhishek Mishraशॉर्ट बायो: अभिषेक मिश्र पिछले 22 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रयागराज में वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ प्रयागराज में प्रशासनिक व प्रमुख धार्मिक गतिविधियों की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
अभिषेक मिश्र भारतीय प्रिंट व डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 22 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में अभिषेक ‘हिन्दुस्तान’ अखबार व ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में प्रशासनिक, धार्मिक व राजनीतिक गतिविधियों की खबरों को देख रहे हैं। 2010 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
अभिषेक मिश्र ने अपने करियर की शुरुआत जुलाई 2004 में ‘हिन्दुस्तान’ अखबार से की थी। अगस्त 2007 में अमर उजाला कानपुर व आगरा में रहते हुए अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2008 से अगस्त 2010 तक दैनिक जागरण आईनेक्स्ट अखबार में प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा की रिपोर्टिंग की। सितंबर 2010 में एक बार फिर ‘हिन्दुस्तान’ अखबार प्रयागराज में सेवाएं देना शुरू किया। तब से अब तक ‘हिन्दुस्तान’ अखबार से जुड़े हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में परास्नातक करने बाद अभिषेक मिश्र ने राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। इसके बाद से लगातार प्रिंट मीडिया में सक्रिय रहे हैं। शुरूआती दौर में उच्च व तकनीकी शिक्षा के साथ बाद प्राथमिक, माध्यमिक शिक्षा, मेडिकल बीट की रिपोर्टिंग के साथ ही रेलवे व परिवहन की रिपोर्टिंग का अनुभव रखते हैं। वर्तमान में मुख्य रूप से प्रशासन, आबकारी बीट की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रमुख धार्मिक गतिविधियों की रिपोर्टिंग करते हैं।
रिपोर्टिंग और विजन
पत्रकारिता का लंबा अनुभव रखने वाले अभिषेक का मानना है कि खबरें सच दिखाती हैं। कमजोर वर्ग की समस्या के साथ विकास करने वाली और विकास को बढ़ाने वाली खबरों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके लिए गहन पड़ताल की भी जरूरत होती है।
महाकुंभ की कवरेज
वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुम्भ के दौरान व्यवस्थागत खबरों के साथ ही अखाड़ों पर खास रिपोर्ट की। 2013 के महाकुम्भ और 2019 के कुम्भ की रिपोर्टिंग का भी अनुभव है।
विशेषज्ञता
महाकुम्भ, कुम्भ और माघ मेला की रिपोर्टिंग का अनुभव।
प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा बीट की रिपोर्टिंग का अनुभव।
रेलवे, रोडवेज और एयरवेज के साथ की कम्यूनिटी रिपोरिटिंग।
जीवन शैली को बदलने वाली खबरों के साथ, तथ्यात्मक विशेष रूप से विश्लेषण वाली खबरों पर फोकस।


