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2 जुलाई, 2020|9:41|IST

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एक बार फिर हिली धरती, कर्नाटक और झारखंड में भूकंप के झटके

earthquake

कर्नाटक और झारखंड में शुक्रवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। कर्नाटक के हम्पी में आज सुबह 06:55 बजे रिक्टर स्केल पर 4.0 की तीव्रता के साथ भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके अलावा झारखंड के जमशेदपुर में इसी समय रिक्टर स्केल पर 4.7 की तीव्रता वाला भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने ये जानकारी दी है। इससे पहले दिल्ली से सटे नोएडा में बीते बुधवार की रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.2 मापी गई। वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी 29 मई को भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए।

दिल्ली-एनसीआर समेत समूचे उत्तर भारत में बीते एक-डेढ़ महीनों के दौरान एक दर्जन से अधिक छोटे भूकंप आए हैं। कोरोना संकट के बीच जब अधिकतर लोग घरों में थे तो बार-बार भूकंप के झटकों ने चिताएं बढ़ाईं लेकिन भूकंप विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे भूकंप से ज्यादा खतरा नहीं है बल्कि ये बड़े भूकंप के खतरे को कम कर सकते हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के निदेशक बीके बंसल ने हाल में 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में कहा कि दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में कई फाल्ट लाइनें गुजरती हैं। इनमें हलचलों से जब ऊर्जा निकलती है तो भूकंप आते हैं।

 

ऐसा नहीं है कि हलचलें अभी हो रही हैं, पहले नहीं थीं। पहले भी थीं लेकिन यह देखा गया है कि इनमें तब भी छोटे भूकंप ही ज्यादा थे। पिछले दस वर्षों में इस क्षेत्र में 280 भूकंप ऐसे आए जिनकी तीव्रता दो से नीचे थी जबकि 70-80 भूकंप तीन-चार के बीच के थे। बहुत कम भूकंप ही चार या इससे ज्यादा तीव्रता के थे। इससे पहले के आंकड़े भी इसी प्रकार के हैं। यह पैटर्न और कई अध्ययन यह संकेत करते हैं कि छोटे भूकंप बड़े भूकंप के खतरे को कम करते हैं क्योंकि इनके जरिये ऊर्जा निकलती रहती है। यदि किसी क्षेत्र में 100 साल तक कोई भूकंप नहीं आता है तो वहां बड़े भूकंप की आशंका ज्यादा हो सकती है।

 

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  • Web Title:4 point 0 magnitude quake in Karnataka and 4 point 7 magnitude earthquake in Jharkhand