देवरहा बाबा थे भारतीय संस्कृति की अमूल्य निधि-देवदास महाराज
तीन दिवसीय महोत्सव का भंडारे के साथ समापन -तीन दिवसीय महोत्सव का भंडारे के साथ समापन मांट, हिंदुस्तान संवाद डांगोली क्षेत्र स्थित ब्रह्मर्षि योग सम्र

डांगोली क्षेत्र स्थित ब्रह्मर्षि योग सम्राट देवरहा बाबा समाधि स्थल पर तीन दिवसीय 36वें योगिनी एकादशी वार्षिक पुण्य तिथि महोत्सव का समापन भव्य भंडारे के साथ हो गया। योगीराज देवदास महाराज (बड़े सरकार) ने रविवार को आखिरी दिन श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए कहा कि युग पुरुष योग सम्राट देवराह बाबा महाराज भारतीय संस्कृति की अमूल्य निधि थे। उनके जैसा चमत्कारी संत इस धरा पर कभी नहीं हुआ। श्रीमज्जगद्गुरु नाभापीठाधीश्वर स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज ने कहा कि बाबा त्रिकालदर्शी थे और उनमें भूत, भविष्य व वर्तमान को देखने की अद्भुत क्षमता थी। उन्होंने 5 वर्ष पहले ही अपनी महासमाधि की घोषणा कर दी थी।
डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने बाबा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बाबा कभी अन्न ग्रहण नहीं करते थे। भजन गायक नंदू भैया ने कहा कि बाबा में योग, भक्ति, वेदांत और ज्ञान का अद्भुत समन्वय था। महोत्सव में देश-विदेश से आए असंख्य श्रद्धालुओं ने श्रीहरिनाम संकीर्तन के बीच देवरहा बाबा महाराज के समाधि स्थल के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। कार्यक्रम के दौरान विशाल संत, ब्रजवासी और वैष्णव सेवा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भंडारे का महाप्रसाद ग्रहण किया। महोत्सव में विभिन्न प्रांतों से आए कई गणमान्य लोग और भारी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।


