DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

चिंता: भारत में 32 प्रतिशत जमीन बंजर होने के कगार पर पहुंची

                                        32

भारत को कृषि आधारित देश कहा जाता है लेकिन हालिया आंकड़े बताते हैं कि यहां की उपजाऊ जमीन लगातार घट रही है। सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट (सीएसआई) ने बीती फरवरी में पर्यावरण की स्थिति पर वार्षिक अध्ययन रिपोर्ट जारी की, जिसमें बताया गया कि भारत में औसत खेतों का आकार सिकुड़ रहा है। इसका प्रमुख कारण भारत में बंजर जमीन का तेज रफ्तार से बढ़ना है। इससे पहले 2017 का वार्षिक अध्ययन चेतावनी दे चुका है कि भारत में 32 प्रतिशत जमीन निकट भविष्य में बंजर हो जाएगी।

क्या है बंजर जमीन

बंजर जमीन को ऐसी भूमि के रूप में परिभाषित किया जाता है जो सूख जाती है और क्षेत्र से नमी खत्म हो जाती है। यह क्षेत्र अपनी वॉटर बॉडीज को खो देता है। साथ ही वनस्पति और वन्यजीव भी नष्ट हो जाते हैं। बंजर जमीन कृषि कार्यों के लिए उपयोगी नहीं रहती। जमीन आमतौर पर पानी की कमी के कारण बंजर होती है।

29 में से 26 राज्यों में बढ़ा मरुस्थलीकरण

रिपोर्ट बताती है कि भारत में 9.64 करोड़ हेक्टेयर जमीन बंजर हो चुकी है जबकि कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 32.872 करोड़ हेक्टेयर है। यहां के 29 में 26  राज्यों में 2007 से 2017 तक बंजर होने वाली जमीन में इजाफा हुआ है।

8 राज्यों में 70% तक बंजर हो सकती है जमीन

2017 की रिपोर्ट में कहा गया कि राजस्थान, दिल्ली, गोवा, महाराष्ट्र, झारखंड, नागालैंड, त्रिपुरा और हिमाचल प्रदेश में 40 से 70 प्रतिशत जमीन बंजर बनने की संभावना है। भारत में कुल उपजाऊ जमीन का 32 प्रतिशत हिस्सा बंजर होने की कगार पर है। वहीं, भारत में कुल 69 प्रतिशत जमीन सूखी है। 

इन कारणों से बंजर हो रही जमीन

10.96% जमीन को बंजर करता है पानी का कटान
5.55% जमीन हवा के कटान से बंजर होती है
0.69 % जमीन खुदाई और शहरीकरण से खराब हो रही
8.91 % भूमि वनस्पितयों को खत्म किए जाने से नष्ट
1.12 % भूमि पानी में खारापन बढ़ने के कारण खराब
2.07 % जगहें जलभराव, पाला पड़ने व लोगों के चले जाने से खराब

मरुस्थलीकरण के परिणाम

86 जल निकाय गंभीर रूप से प्रदूषित हो चुके हैं देश में  
3 राज्य कर्नाटक, तेलंगना और केरल में पानी सबसे दूषित
11 खतरनाक बीमारियां जैसे डेंगू आदि हर साल फैल रहीं
2,613 शहरों में झुग्गियां बन गईं रहने लायक जमीन न होने से
24 प्रतिशत कम क्षमता से काम कर रहे गैस-आधारित संयंत्र
19 प्रतिशत कम क्षमता से चल रही जलविद्युत परियोजनाएं
9.5 गुना अधिक हो गईं जंगलों में लगने वाली आग
(भारत के पर्यावरण की स्थिति-2019 नामक रिपोर्ट के अनुसार)

किसानों की आत्महत्या की भी वजह बना 

2018 में आरटीआई से मिले आंकड़े के मुताबिक भारत में एक दिन में आठ किसानों ने आत्महत्या की। माना जाता है कि किसानों की आत्महत्या के पीछे ऋण के अलावा उपजाऊ जमीन के बंजर होने से जुड़े भी कारण अहम हैं। 2019 की सीएसआई की रिपोर्ट कहती है कि भारत में बीमाकृत फसली क्षेत्र की हिस्सेदारी में 26 प्रतिशत की गिरावट आई है। दूसरी ओर, खेती लायक जमीन घटने से फसलों की लागत बढ़ गई है।

2030 तक 2.6 करोड़ हेक्टेयर जमीन उपजाऊ कराने का लक्ष्य  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूनाइटेड नेशन कन्वेंशन टू कॉम्बैट डेजर्टिफिकेशन की नोएडा में हुई कॉप-14 (कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज) में बताया कि भारत 2.6 करोड़ हेक्टेयर जमीन को उपजाऊ बनाने का लक्ष्य लेकर काम कर रहा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:32 percent india s land is degraded