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Delhi Hotel Fire: एक ही परिवार ने मां, बेटी और बेटे को खोया

delhi hotel fire

करोल बाग में हुए हादसे से केरल के एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई परिवार शादी में शामिल होने आया था। केरल के कोच्चि से आए इस परिवार की खुशियां मातम में बदल गई। होटल में हुए हादसे में किसी तरह जान बचाने वाली उमा नायर ने बताया कि 8 फरवरी को गाजियाबाद के विष्णु गार्डन में उनकी बेटी पल्लवी की शादी थी। उमा ने अपना दर्द इस तरह साझा किया।

मेरी बेटी पल्लवी की शादी 8 फरवरी को गाजियाबाद में थी। 7 फरवरी को केरल और अलग-अलग जगह रहने वाले उनके परिवार के 15 लोग दिल्ली आए थे। बेटी की शादी में पूरा परिवार इकट्ठा हुआ। मैं बहुत खुश थी। पूरे परिवार के ठहरने की व्यवस्था करोल बाग के इसी होटल में की गई। दूसरी मंजिल पर परिवार के सभी लोगों के कमरे थे। हम शादी के बाद अगले दिन घूमने के लिए दिल्ली दर्शन के लिए निकले थे। पूरे परिवार जश्न मना रहा था। इसके बाद बुधवार सुबह हमें हरिद्वार घूमने के लिए निकलना था। हम सुबह निकलने के लिए तैयारी कर रहे थे लेकिन तब तक आग लग गई और मेरे परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में मेरी मौसी, उनकी बेटी और एक बेटा शामिल है। अगर हम थोड़ा जल्दी उठकर बाहर निकल जाते तो शायद परिवार के लोगों को ये दिन नहीं देखना पड़ता।
 

बेटा, बेटी और मां ने जान गंवाई
हादसे में केरल के एक ही परिवार के जिन तीन लोगों की मौत हुई है वे रिश्ते में मां, बेटे और बेटी हैं। उमा ने बताया कि उनकी सगी मौसी नलिनी अम्मा (83 वर्ष), नलिनी अम्मा का बेटा विद्यासागर (52 साल) और बेटी जयश्री 53 साल की मौत हो गई। 

दूसरों की जान बचाने में अपनी जान गंवा दी 
उमा नायर ने बताया मैं कमरा संख्या 203 में रुकी हुई थी।  इस दौरान कमरे में धुआं-धुआं आने लगे। हमने बाहर दरवाजा खोलकर देखा तो पूरा धुआं भरा हुआ था। हम दरवाजा बंद कर कमरे में अंदर की तरफ भागे। सांस लेना मुश्किल हो रहा था। धुआं भर जाने और अंधेरा होने की वजह से कुछ नहीं दिखाई दे रहा था। किसी तरह अंदर की खिड़की खोलनी चाही लेकिन एक ही हिस्सा खुल सका तो सांस लेना आसान हुआ। इस दौरान पूरे होटल में चीख पुकार मच गई। तभी ऊपर के तल से किसी ने बचाने के लिए जोर -जोर से ऊपर आने के लिए आवाज लगाई। वहां ठहरे उनके मौसी का लड़का विद्यासागर दरवाजा खोल मदद के लिए ऊपरी मंजिल की तरफ जाने लगा। आग तब तक फैल चुकी थी। मौसी के कमरे में पूरा धुआं भर गया और विद्यासागर समेत उसकी मां और बहन की जान चली गई। 


उमा नायर के मुताबिक होटल में उनके परिवार के कुल 15 लोग थे। इनमें से दो लोग सोमवार शाम को ही मुंबई चले गए। अगर ये मुंबई के लिए न निकलते तो हमारे परिवार के लिए यह बड़ी हानि हो सकती थी। 

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  • Web Title:3 of a family killed in delhi karol bagh hotel fire