सड़क पर कीचड़ और गड्ढों से जूझ रहे हजारों ग्रामीण, प्रशासन बेखबर
झारखंड राज्य बने 25 साल हो गए, लेकिन बेंगाबाद प्रखंड की तेलोनारी पंचायत के गांवों में विकास नहीं हुआ। ग्रामीण कच्ची सड़कों पर चलने को मजबूर हैं, जिससे उनकी जिंदगी में चुनौतियां बढ़ गई हैं। प्रशासन ने सड़क निर्माण का आश्वासन दिया है, लेकिन ग्रामीण ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बेंगाबाद, प्रतिनिधि। झारखंड राज्य बने 25 साल हो गए, लेकिन बेंगाबाद प्रखंड की तेलोनारी पंचायत के बेलडीह, परसन समेत कई गांवों तक विकास की किरण नहीं पहुंच पाई है। यहां के ग्रामीण आज भी कच्ची और ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर चलने को मजबूर हैं। पक्की सड़क के अभाव में हजारों लोगों का रोजमर्रा का जीवन मुश्किलों से भरा है। अलग राज्य बनने के बाद कई सरकारें आईं और गईं, योजनाएं भी बनीं, लेकिन इस इलाके की सड़कों की स्थिति नहीं बदली। इलाके के कई गांवों को जोड़ने वाली यह ग्रामीण सड़क आरईओ विभाग के अंतर्गत है। आज तक इस सड़क पर कालीकरण नहीं हो सका है।
मनरेगा के तहत मिट्टी-मोरम और पुलिया निर्माण की बात होती है, लेकिन वह नाकाफी साबित हो रही है। इसी एकमात्र सड़क के सहारे ग्रामीण बनहती से छोटकी खरगडीहा जाने वाली पक्की सड़क तक पहुंचते हैं। सड़क नहीं होने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। खासकर बरसात में स्थिति और बदतर हो जाती है। कच्ची सड़क पूरी तरह कीचड़मय हो जाती है और गड्ढों में पानी भर जाता है। जर्जर सड़क के कारण इलाके के कई गांवों की आबादी सीधे प्रभावित है। स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में दिक्कत होती है। किसी बीमार या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों को समय पर इलाज नहीं मिलने का डर हमेशा सताता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से शीघ्र सड़क निर्माण की मांग की है ताकि उन्हें सुगम यातायात मिल सके। इस संबंध में आरईओ विभाग के जेई फैयाज आलम ने बताया कि तेलोनारी पंचायत के बेलडीह-परसन सड़क का रोडमैप उनके पास उपलब्ध नहीं है और न ही इस सड़क को लेकर किसी जनप्रतिनिधि की अनुशंसा मिली है। उन्होंने कहा कि विधायक से अनुशंसा प्राप्त होने पर ही सड़क के कालीकरण की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। ग्रामीणों का कहना है कि 25 वर्षों से वे केवल आश्वासन सुन रहे हैं। अब उन्हें ठोस कार्रवाई और पक्की सड़क की जरूरत है।


