झारखंड में 25 फीसदी स्कूली बच्चों का आधार कार्ड बाकी, लगेंगे विशेष कैंप
झारखंड में लगभग 25 प्रतिशत स्कूली बच्चों का आधार कार्ड नहीं बन सका है। 67.01 लाख नामांकित बच्चों में से केवल 49.82 लाख (74.35 प्रतिशत) का आधार कार्ड बना है। अगस्त से विशेष कैंप लगाकर शत-प्रतिशत बच्चों का आधार कार्ड बनाने की योजना है।

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड में अभी भी लगभग 25 प्रतिशत स्कूली बच्चों का आधार कार्ड नहीं बन सका है। स्कूलों में नामांकित कुल 67.01 लाख बच्चों में से अबतक 74.35 प्रतिशत यानी 49.82 लाख बच्चों का ही आधार कार्ड बना है। बचे हुए करीब 17 लाख बच्चों का आधार कार्ड बनाया जाना बाकी है, जिनमें सबसे बड़ी संख्या पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों की है। शत-प्रतिशत बच्चों को इस सुविधा से जोड़ने के लिए स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग अगस्त महीने से विशेष कैंप लगाने की तैयारी कर रहा है।
आधार कार्ड निर्माण की स्थिति
द department के आंकड़ों के अनुसार, जिलों में आधार कार्ड निर्माण की स्थिति अलग-अलग है। लोहरदगा जिला 82.05 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है। इसके बाद पूर्वी सिंहभूम में 81.93 प्रतिशत, सिमडेगा में 81.25 प्रतिशत और जामताड़ा में 81.16 प्रतिशत बच्चों का आधार कार्ड बन चुका है। इसके विपरीत, गोड्डा में सबसे कम 67.57 प्रतिशत, पश्चिमी सिंहभूम में 68.32 प्रतिशत और गिरिडीह में 68.63 प्रतिशत बच्चों का ही आधार बन पाया है।
कैंप का आयोजन
शिक्षा विभाग अगले महीने बारिश की रफ्तार कम होने के बाद इन शिविरों के आयोजन का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। यह कैंप मुख्य रूप से पंचायत स्तर पर लगाए जाएंगे। इसके अलावा, जिन सुदूर क्षेत्रों में आवश्यकता होगी, वहां कैंप संचालक टीम सीधे स्कूलों तक भी जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य इन विशेष शिविरों के माध्यम से सभी शेष बच्चों का आधार कार्ड बनाने के साथ-साथ उनका अपार आईडी भी सुनिश्चित करना है, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक डेटा सुरक्षित किया जा सके।
राज्य में जिलावार आधार निर्माण की स्थिति
लोहरदगा 82.05% के साथ सबसे आगे है। इसके बाद पूर्वी सिंहभूम में 81.93%, सिमडेगा में 81.25%, जामताड़ा में 81.16%, सरायकेला में 79.67%, रांची में 78.62%, बोकारो में 78.49%, रामगढ़ में 78.18%, चतरा में 75.58%, खूंटी में 75.28%, पाकुड़ में 75.08%, साहिबगंज में 75.06% और हजारीबाग में 74.84% बच्चों का आधार बना है। वहीं, पलामू में 73.13%, दुमका में 73.10%, कोडरमा में 72.76%, देवघर में 72.62%, गढ़वा में 72.56%, लातेहार में 72.47%, धनबाद में 72.22%, गुमला में 71.91%, गिरिडीह में 68.63%, पश्चिमी सिंहभूम में 68.32% और सबसे कम गोड्डा में 67.57% बच्चों का ही आधार कार्ड बन पाया है।


