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कांग्रेस समेत 22 विपक्षी पार्टियों की मांग, VVPAT से गिने जाएं 50 फीसदी वोट

(Raj K Raj/HT Photo)

ईवीएम के मुद्दे पर 23 विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने सोमवार शाम चुनाव आयोग से मुलाकात कर लोकसभा चुनाव में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने मांग की कि मतगणना के दौरान हर क्षेत्र में 50 फीसदी वोटों की गिनती ईवीएम से और पचास फीसदी वोटों की गिनती वीवीपैट से होनी चाहिए, ताकि बाद में मिलाया जा सके। इससे पता चल जाएगा कि ईवीएम मशीन ठीक से काम कर रही है या नहीं।

चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, कुछ दिन पहले विपक्षी पार्टियों के नेताओं की बैठक हुई थी। उसमें ईवीएम पर विस्तार से चर्चा हुई। तय किया गया कि विपक्षी पार्टियां अपना पक्ष चुनाव आयोग के सामने रखेंगी।

आजाद ने कहा कि बैठक में सभी पार्टियों के नेताओं की राय थी कि तीन-चार साल से ईवीएम की जांच के दौरान देखा गया कि किसी भी पार्टी के चुनाव चिह्न का बटन दबाएं, वोट भाजपा को जाता है। चुनाव आयोग आज तक सियासी पार्टियों को संतुष्ट नहीं कर पाई कि ऐसा क्यों होता है। कई पार्टियां मतपत्र से चुनाव की वकालत करती रही हैं, पर अब वक्त कम है।

उन्होंने कहा, विपक्षी पार्टियों की बैठक में तय किया गया कि वक्त कम है। ऐसे में मतपत्र से चुनाव नहीं कराए जा सकते। पर चुनाव आयोग ईवीएम को लेकर पारदर्शिता बरत सकता है। ताकि लोगों को यकीन आ जाए कि ईवीएम में कोई गडबड़ी नहीं की गई है। विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें सभी क्षेत्रों के कम से कम पचास फीसदी मतदान केंद्रों की वीवीपैट पर्चियों का ईवीएम के मतों से मिलान करने की मांग की गई है।

23 पार्टियों का प्रतिनिधिमंडल

चुनाव आयोग से मुलाकात करने वाले नेताओं में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस, टीडीपी, डीएमके, राजद, माकपा, भाकपा, आरएलडी, जेवीएम, नेशनल कांफ्रेस और जेडीएस सहित 23 पार्टियों के नेता शामिल थे।

आयोग जमीनी हकीकत देखकर कदम उठाएगा 

ईवीएम के मतों से वीवीपैट की 50 प्रतिशत पर्चियों का मिलान कराने की विपक्ष की मांग पर चुनाव आयोग ने कहा कि वह मामले के सभी पहलुओं का विस्तार से परीक्षण करेगा। आयोग ने स्पष्ट किया कि इस मांग को लागू करने संबंधी जमीनी हकीकत का आकलन करने के बाद ही वह कोई फैसला करेगा।

आयोग ने एक बयान में कहा, मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य आयुक्तों ने विपक्षी दलों के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल की चिंताओं को सुना। आयोग ने उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे पर विचार और परीक्षण करने का भरोसा दिलाया। इस पर विचार के दौरान आयोग ईवीएम को लेकर न्यायपालिका के फैसलों का ध्यान रखेगा। साथ ही वीवीपैट की पर्चियों से ईवीएम के मतों के मिलान को लेकर सांख्यिकीय संस्थान की रिपोर्ट का भी आयोग को इंतजार है। आयोग ने हाल में संस्थान से वीवीपैट की पर्चियों के मिलान के मौजूदा स्तर में बदलाव से पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन कर एक रिपोर्ट देने को कहा है। 

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  • Web Title:23 opposition parties meet poll panel wants 50 percent votes VVPAT verified