दो वर्ष जेल की यातना सहने वाले विपिन त्रिपाठी आए याद
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द्वाराहाट, संवाददाता। उत्तराखंड राज्य आंदोलन और आपातकाल सहित विभिन्न जन संघर्षों में दो वर्ष से अधिक समय तक जेल की अमानवीय यातनाएं सहने वाले क्रांतिकारी जननेता स्व. विपिन त्रिपाठी की 22वीं पुण्यतिथि शीतलापुष्कर मैदान में मनी। सैकड़ों लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। यूकेडी के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी ने स्व. त्रिपाठी के सानिध्य में हुए ऐतिहासिक संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि मजबूत नीतियों के अभाव में आज पहाड़ से लगातार पलायन बढ़ रहा है और पर्वतीय क्षेत्रों में विकास की गति अत्यंत धीमी है। पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने दोनों राष्ट्रीय दलों पर प्रदेश को गर्त में डालने का आरोप लगाते हुए स्व. त्रिपाठी के सपनों का राज्य बनाने के लिए जनता से एकजुट होने का आह्वान किया। वहीं यूकेडी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशीष नेगी ने सत्ताधारी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य बनने के बाद बारी-बारी से सत्ता में आई पार्टियों ने उत्तराखंड की अमूल्य प्राकृतिक संपदाओं का बाजारीकरण कर जल, जंगल और जमीन का बेरहमी से दोहन किया है। नेगी ने कहा कि सरकार के जनविरोधी प्रतिनिधियों ने राज्य की मूल अवधारणा के अनुरूप आज तक गैरसैंण को स्थाई राजधानी नहीं बनाया, जो प्रदेश के जनमानस के साथ बहुत बड़ा छल है。
जनकवि गिरदा के गीतों की धूम
श्रद्धांजलि समारोह से पूर्व विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने रानीखेत रोड घटगाड से मुख्य बाजार होते हुए शीतलापुष्कर मैदान तक सांस्कृतिक यात्रा निकाली। यात्रा में शामिल लोगों ने विख्यात कवि गिरदा की जनगीतों से सबको आकर्षित किया। गीतों के माध्यम से उत्तराखंड की वर्तमान स्थिति पर करारा प्रहार किया गया।
ये रहे मौजूद
ब्लॉक प्रमुख आरती किरौला, ज्येष्ठ प्रमुख सुनील कांडपाल, दीपक किरौला, विनोद जोशी, ज्योति दानू, मदन कठायत, जिपं सदस्य सरस्वती किरौला, जिलाध्यक्ष गुड्डी देवी, दिनेश कुंजवाल, देवेंद्र बिष्ट, कांता रावत, राकेश बिष्ट, जगदीश रौतेला, भुवन कठायत, रीतिका भट्ट, अनिल चौधरी, शंकर दत्त, हेम रावत, नरेंद्र अधिकारी, मनोज अधिकारी, जगदीश बुधानी, वीरेद्र बजेठा, आशुतोष शाही, भुवन कांडपाल, भुवन लहरी, महेश तिवारी आदि।


