भेलवाघाटी नरसंहार की बरसी पर दी गई श्रद्धांजलि
भेलवाघाटी गांव में 11 सितंबर 2005 को नक्सलियों द्वारा किए गए नरसंहार की 21वीं बरसी पर शोक सभा का आयोजन किया गया। घटना में 17 ग्रामीणों की हत्या हुई थी। मृतकों के परिजनों को मुआवजा और अन्य सहायता देने के कई आश्वासन आज तक नहीं पूरे हुए हैं। ग्रामीणों ने बकाया मुआवजा और सुविधाएं मांगी।

देवरी, प्रतिनिधि। भेलवाघाटी गांव में गुरुवार को शोक सभा का आयोजन कर नक्सलियों द्वारा किए गए प्रदेश के सबसे बड़े नरसंहार की 21वीं बरसी पर घटना में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। बता दें कि 11 सितंबर 2005 की रात में नक्सलियों द्वारा भेलवाघाटी गांव में जन अदालत लगाकर एक एक कर 17 ग्रामीणों की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद सूबे के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा समेत बड़े प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने भेलवाघाटी पहुंचकर मृतकों के आश्रितों के लिए कई प्रकार की घोषणाएं की थीं। जिसमें मृतकों के परिजनों को मुआवजा, आवास, पेंशन, बच्चों की नि:शुल्क शिक्षा और एक-एक सरकारी नौकरी देने की बात कही गई थी। जिसमें मृतक युवकों के आश्रितों के लिए किये गये कई आश्वासन आज तक पूरा नहीं होने की बात कही जा रही है। सलामत अंसारी, गफुर अंसारी समेत अन्य ग्रामीणों ने गुरुवार को बताया कि मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रांची के नाम आवेदन देकर उक्त नरसंहार में मारे गए लोगों के परिजनों को बकाया मुआवजा भुगतान कराने की मांग की गई है। बताया गया कि मृतकों के परिजनों को 2.50 लाख रुपये मुआवजा, आवास तथा एक-एक सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था लेकिन कई आश्रित आज भी अपने अधिकार से वंचित हैं。
गांव में पेयजल और सिंचाई की समस्या बरकरार
ग्रामीणों ने बताया कि नरसंहार के बाद भेलवाघाटी में थाना स्थापित हुआ। फतेहपुर मोड़ से भेलवाघाटी तक सड़क का निर्माण हुआ। जमा दो उच्च विद्यालय एवं आश्रम विद्यालय का भी संचालन शुरू हो गया है। गांव में पानी की समुचित सुविधा उपलब्ध नहीं होने से ग्रामीणों को पेयजल व सिंचाई की सुविधा के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है। सलामत मियां, सादिक मियां, मुमताज अंसारी, मकबूल मियां, अब्बास अंसारी, गफूर मियां, शमसुद्दीन अंसारी, जुम्मन मियां, तिलो मियां, रोजनी बीबी आदि लोगों ने मृतकों के आश्रितों को बकाया मुआवजा की राशि का भुगतान करने तथा गांव में पेयजल तथा सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग सरकार से की है।


