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VVPAT पर 21 दलों की SC में याचिका, 50% पर्चियों का मिलान कराने की मांग

A view of the Supreme Court building is seen in New Delhi December 7, 2010. REUTERS/B Mathur/Files(R

स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की पुख्ता व्यवस्था के लिए 21 राजनीतिक दलों ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से ईवीएम और 50 फीसदी वीवीपैट (VVPAT) पर्चियों का मिलान कराने की मांग की है। 

तेदेपा, तृणमूल कांग्रेस, सपा, बसपा और आम आदमी पार्टी समेत विपक्षी दलों की ओर से दायर याचिका का उल्लेख शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष किया जा सकता है। याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग को निर्देश दे कि कुल इस्तेमाल की जा रही ईवीएम में 50 फीसदी दर्ज मतों का वीवीपैट में मौजूद पर्चियों से मिलान करे। 

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याचिकाकर्ताओं में एनसीपी के शरद पवार, कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल, तृणमूल के डेरेक ओ. ब्रायन, लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव, सपा के अखिलेश यादव, बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा, द्रमुक के एमके स्टालिन, सीपीएम के टीके रंगराजन, राजद के मनोज कुमार झा, एनसी के फारुख अब्दुल्ला, सीपीआई के एसएस रेड्डी, जेडीएस के दानिश अली, रालोद के अजीत सिंह, एआईडीयूएफ के मोहम्मद बदरुद्दीन अजमल, ‘हम’ के जीतन राम मांझी, प्रो. अशोक कुमार सिंह, तेदेपा, 'आप' आदि शामिल हैं।

इससे पूर्व इन दलों ने गत माह 5 फरवरी को चुनाव आयोग से यह मांग की थी, लेकिन आयोग ने गत सप्ताह चुनावों की घोषणा करते हुए वीवीपैट मिलान का प्रतिशत बढ़ाने से आदेश देने से इनकार कर दिया था। आयोग ने कहा था कि इस बारे में भारतीय सांख्यिकी संस्थान से राय ली जा रही है और उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।

आयोग ने यह भी कहा था कि इस संबंध में  मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। चुनावों में फिलहाल एक विधानसभा सीट पर एक ईवीएम के मतों का वीवीपैट पर्चियों से मिलान किया जाता है। 

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  • Web Title:21 Opposition Parties Move Top Court On Voting Machines