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4 जून, 2020|10:09|IST

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दोषी पवन के नाबालिग होने का दावा खारिज होने पर निर्भया की मां बोलीं, पूरी उम्मीद कल मिलेगा इंसाफ

asha devi

सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया मामले के दोषी पवन गुप्ता की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज कर दी है। दोषी ने शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे होने जा रही फांसी से बचने के लिए ये पिटीशन लगाई थी। निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में आज पवन की दूसरी क्यूरेटिव पिटीशन खारिज हो गई है और मुझे पूरी उम्मीद है कि कल दोषियों को फांसी मिलेगी और निर्भया को इंसाफ मिलेगा। आपको बता दें कि 20 मार्च को 7 साल पुराने निर्भया गैंगरेप मामले में चारों दोषियों को फांसी की सजा होनी है, जिसके लिए तिहाड़ जेल में पूरी तैयारियां हो चुकी हैं। 

अदालत ने निर्भया के वकील से पूछा, अंतिम समय में अदालत क्यों पहुंचते हैं?

निर्भया दुष्कर्म व हत्या मामले में मौत की सजा पाए दोषियों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील से बुधवार को यहां की एक अदालत ने सख्ती बरतते हुए पूछा कि वह हमेशा अंतिम समय में ही अदालत क्यों पहुंचते हैं। निर्भया के वकील ए. पी. सिंह लगातार दोषियों की फांसी की सजा में देरी करने के लिए नए-नए तरीके खोजते रहे हैं। उन्होंने चारों दोषियों को शुक्रवार को दी जाने वाली फांसी की सजा में देरी के लिए एक और प्रयास किया और उनके कानूनी उपाय लंबित होने का हवाला देते हुए एक बार फिर ट्रायल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने गुरुवार की रात 12 बजे तक तिहाड़ जेल अधिकारियों और राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी और कहा, “आप अंतिम समय में अदालत का रुख क्यों करते हैं?” लोक अभियोजक इरफान अहमद ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा, “कोई कानूनी उपाय लंबित नहीं है। उनकी फांसी के लिए सिर्फ 36 घंटे बाकी हैं।” निर्भया के दोषियों को 20 मार्च की सुबह पांच बजकर 30 मिनट पर फांसी होगी। अदालत की ओर से इससे पहले भी इनके डेथ वारंट पर रोक लग चुकी है। अब देखना यह होगा कि क्या इस बार भी ये कानूनी दांव-पेंच में उलझाकर डेथ वारंट पर रोक लगवा लेते हैं या उन्हें तय समय पर फांसी मिलेगी।

फांसी की तैयारियां पूरी, जल्लाद ने चौथी बार परखे फांसी देने के इंतजाम

तिहाड़ जेल में 20 मार्च को निर्भया के हत्यारों को लटकाये जाने की तैयारियां चौथी बार फिर जोर-शोर से शुरू हो गयी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को यूपी के मेरठ से जल्लाद पवन को भी तिहाड़ अधिकारी सुरक्षित ले आये। अब से कुछ देर पहले (बुधवार) को जल्लाद ने तिहाड़ जेल अधिकारियों की मौजूदगी में फांसी देने का 'डमी-ट्रायल' भी किया। बुधवार को तिहाड़ में जल्लाद पवन द्वारा 'डमी-ट्रायल' किये जाने की पुष्टि में दिल्ली जेल के अपर महानिरीक्षक राज कुमार ने की। अपर महानिरीक्षक दिल्ली जेल के मुताबिक, “बुधवार को किया गया डमी ट्रायल रुटीन प्रक्रिया है। निर्भया के मुजरिमों को फांसी देने के लिए पहली बार किये जा रहे डमी ट्रायल के वक्त हमारी चिंता ज्यादा थी।”

अपर महानिरीक्षक जेल राज कुमार ने बताया, “बुधवार को डमी ट्रायल तिहाड़ की तीन नंबर जेल परिसर में स्थित फांसी घर में किया गया। डमी ट्रायल के दौरान यूं तो मुख्य कार्य पवन (जल्लाद) का ही था। इसके बाद भी एहतियातन तिहाड़ जेल के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी भी इस डमी ट्रायल के दौरान मौजूद रहे।” डमी ट्रायल के दौरान पवन जल्लाद और फांसी घर में मौजूद जेल अफसरों ने आखिर क्या-क्या जांचा? पूछे जाने पर एआईजी जेल ने कहा, “दौरान-ए-फांसी कहीं कोई व्यवधान उत्पन्न होने की कहीं कोई आशंका न रहे। मुख्य काम तो पवन को ही करना है। लिहाजा ऐसे में उन्हें ही सारे इंतजाम एक बार फिर से देखने थे। इसलिए जेल प्रशासन ने उनके (पवन जल्लाद) कहे मुताबिक डमी-ट्रायल का इंतजाम किया था। यह डमी ट्रायल अब से थोड़ी देर पहले ही किया गया। डमी ट्रायल करीब आधा घंटा चला।”

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  • Web Title:2012 Nirbhaya gang-rape case victim Mother Asha Devi on Convict pawan curative petition cancelled said on Nirbhaya will get justice tomorrow