DA Image
25 जनवरी, 2020|7:39|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नानावती आयोग की रिपोर्ट : मोदी को गुजरात दंगों में क्लीनचिट

court representational image jpg

नानावती आयोग ने गुजरात में 2002 के दंगों में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को क्लीन चिट दे दी है। राज्य सरकार के खिलाफ इन आरोपों में कोई ठोस सबूत नहीं मिला कि उसने गोधरा के बाद हुए दंगों पर आंख मूंद ली थी। इन दंगों में 1000 से अधिक लोग मारे गए थे जिनमें से अधिकतर अल्पसंख्यक थे।

17 साल बाद सदन में पेश : गुजरात के गृहमंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने बुधवार (11 दिसंबर) को सदन में आयोग की रिपोर्ट पेश की। इसे तत्कालीन सरकार को सौंपे जाने के पांच साल और दंगों के 17 साल बाद सदन में पेश किया गया है। आयोग ने कहा कि  हिंदू और मुस्लिम समुदाय के कुछ धड़ों के बीच पनपी नफरत की गहरी जड़ों की वजह से दंगे हुए।

हथियारों से लैस नहीं थे : सुप्रीम कोर्ट  के पूर्व न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) जीटी नानावती और गुजरात हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) अक्षय मेहता के आयोग ने कहा, कुछ जगहों पर भीड़ नियंत्रित करने में पुलिस प्रभावी नहीं रही। उनके पास पर्याप्त पुलिसकर्मी नहीं थे या वे हथियारों से अच्छी तरह लैस नहीं थे।

कार्रवाई की सिफारिश : आयोग ने दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जांच या कार्रवाई करने की सिफारिश की है। साल 2002 में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने दंगों की जांच के लिए आयोग का गठन किया था।

मंत्रियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला
आयोग ने 2,500 से अधिक पृष्ठों की रिपोर्ट पेश की। इसमें कहा, ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि राज्य के किसी मंत्री ने इन हमलों के लिए उकसाया या भड़काया। किसी भी धार्मिक या राजनीतिक दल या ऐसे किसी संगठन के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:2002 Gujarat riots Nanavati panel gives clean chit to ex CM Narendra Modi