मासूम के साथ रेप के आरोपित को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा
महराजगंज में एक पांच साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी मोहित उर्फ धुंआ को 20 वर्ष की सजा तथा 30,000 रुपये का अर्थदंड दिया गया है। यदि अर्थदंड जमा नहीं किया गया तो उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए अर्थदंड की पूरी राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। फरेंदा थाना क्षेत्र की एक पांच साल की मासूम के साथ दुष्कर्म के मामले में न्यायाधीश अनन्य न्यायालय पाक्सो एक्ट ने दोषी ठहराते हुए आरोपित मोहित उर्फ धुंआ को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करता है तो उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पत्रावली से मिली जानकारी के अनुसार घटना 23 सितंबर-23 की है। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना करते हुए 30 सितंबर-23 को आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिया। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि विचाराधीन कैदी के रूप में दोषी द्वारा जेल में बिताई गई अवधि का समायोजन दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 के तहत सजा की अवधि में किया जाएगा।
यानी ट्रायल के दौरान जेल में बिताया गया समय अंतिम सजा का हिस्सा माना जाएगा। अदालत ने पीड़िता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए अर्थदंड की पूरी राशि उसके पुनर्वास के लिए उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि पीड़िता को किसी सरकारी योजना के अंतर्गत पहले से प्रतिकर राशि प्राप्त हो चुकी है तो उसका समायोजन नियमानुसार किया जाएगा। मामले की पैरवी एडीजीसी विनोद कुमार सिंह ने की, जबकि कोर्ट मोहर्रर अरुण राय व संज्ञा तिवारी तथा पैरोकार राजेश यादव की सक्रिय भूमिका रही। निर्णय सुनाए जाने के बाद न्यायालय ने दोषी के विरुद्ध सजा वारंट तैयार करने का आदेश दिया। इसके बाद उसे शेष सजा भुगतने के लिए जिला कारागार भेज दिया गया।


