मलेरिया और टीबी से जूझ रही बच्ची, परिजनों ने रिम्स जाने से किया इनकार
सोनुआ थाना क्षेत्र के बोईकाड़ा गांव की ढाई साल की आरियाना चांपिया मलेरिया और टीबी से ग्रसित है। उसे सोमवार को रांची के रिम्स रेफर किया गया। पहले गांव के डॉक्टर से इलाज कराने के बाद एमजीएम अस्पताल में भर्ती किया गया था। पिता ने बताया कि अगर रिम्स में भी इलाज संभव नहीं हुआ तो वह बेटी को गांव ले जाएंगे।

सोनुआ थाना क्षेत्र के बोईकाड़ा गांव निवासी श्रीराम चांपिया की ढाई साल की बेटी आरीयाना चांपिया मलेरिया और शरीर के कई हिस्सों में फैल चुकी टीबी से जूझ रही है। सोमवार शाम उसे रिम्स, रांची रेफर कर दिया गया। बच्ची पिछले शुक्रवार से एमजीएम अस्पताल में भर्ती थी। आरीयाना को मलेरिया, पेट दर्द (पेट में पानी जमा होने) और कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था। इससे पहले परिजनों ने करीब सात दिन तक गांव के एक ग्रामीण चिकित्सक से उसका इलाज कराया। आराम नहीं मिलने पर उसे अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल भेजा गया।
सोमवार को बच्ची को एक यूनिट खून चढ़ाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची काफी कमजोर हो चुकी है। उसे सर्जरी और शिशु रोग विशेषज्ञ की जरूरत थी, लेकिन इस तरह की विशेषज्ञ सुविधा एमजीएम अस्पताल में उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे रिम्स रेफर किया गया।हालांकि, बच्ची के पिता श्रीराम चांपिया ने कहा कि अब वह उम्मीद छोड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह बच्ची को रिम्स ले जाने के बजाय वापस गांव ले जाएंगे और वहां जड़ी-बूटी से इलाज कराने का प्रयास करेंगे। उनका कहना है कि अगर रिम्स में भी इलाज संभव नहीं होने की बात कही गई तो इससे उनकी परेशानी और बढ़ जाएगी।


