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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आंधी-तूफान से 17 लोगों की मौत  

storms and heavy rain across India kill at least 57

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आंधी और ओलों के साथ गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 17 लोगों की मौत हो गई। मौसम ने सबसे अधिक कहर ब्रज क्षेत्र में बरपाया। कासगंज, एटा और मैनपुरी में 11 लोगों की मौत हो गई। रामपुर, मैनाठेर, बदायूं और पीलीभीत में एक-एक और काशीपुर में दो लोगों की मौत हुई है। 

मैनपुरी में बिजली गिरने से चार की मौत हो गई। ग्राम लुखरपुरा में बिजली गिरने से एक मकान की दीवार ढह गई। चपेट में आकर हिमांशु, माया देवी की मौत हो गई। कुरावली के ही ग्राम नगला छद्दिू में बिजली की चपेट में आकर कृष्णकांत की मौत हो गई। गांव में ही किरन की बिजली गिरने से मौत हो गई।  बिछवा क्षेत्र के ग्राम जगतपुर निवासी राजेश की पेड़ गिरने से मौत हो गई। गांव बरा सूरजपुर में सुनैना की छज्जा गिरने से मौत हो गई। 

कासगंज के विदौनी में लालाराम की पेड़ गिरने से मौत हो गई। गांव के ही दरियाब सिंह की दीवार गिरने से दबकर मौत हो गई। फतेहपुर कलां में गेट गिरने भगवान की मौत हो गई।  एटा के थाना बागवाला क्षेत्र के नगला भम्भा निवासी दिनेश की बिजली गिरने से मौत हो गई। गांव धरमपुर में दीवार गिरने से मेघा की मौत हो गई।  

गांव अजीतपुर नईबस्ती में घर गिरने से  सुगरा की मौत हो गई। मैनाठेर के महमूदपुर माफी गांव में किसान की बिजली गिरने से मौत हो गई। बदायूं में बिजली गिरने से एक छात्र की मौत हो गई तो पीलीभीत में छप्पर गिरने से किसान की जान चली गई। काशीपुर में दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई।    

मुख्यमंत्री ने दिए राहत पहुंचाने के निर्देश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। योगी ने प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं।

ग्लोबल वार्मिंग से मौसम चक्र टूट रहा

सर्दियों में ज्यादा बर्फबारी, गर्मियों में भीषण गर्मी और मानसून का देर से आना। ये सारे लक्षण ग्लोबल वार्मिंग के हैं। वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि अगर समय रहते नहीं चेते तो मौसम चक्र तहस-नहस हो सकता है और दुनिया को उसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ग्लोबल वार्मिंग का व्यापक असर जहां मैदानी इलाकों में दिख रहा है। वहीं सर्दियों में ‘थर्ड पोल’ यानी हिमालय में पड़ी रिकॉर्ड बर्फ के कारण इस साल गर्मियों में ग्लेशियरों की सेकेंड लेयर आइस नहीं पिघलेगी। 

मानसून पहुंचने में तीन दिन की देरी संभव

मौसम विभाग ने मानसून के दिल्ली में आगमन में दो-तीन दिनों की देरी की आशंका जताई है। हालांकि शहर में बारिश के सामान्य रहने का अनुमान है। विभाग ने गुरुवार को यह जानकारी दी। हालांकि, निजी मौसम पूर्वानुमान संस्था स्काईमेट वेदर ने कहा है कि मानसून के दिल्ली आने में कम से कम एक सप्ताह का विलंब हो सकता है।  

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  • Web Title:17 people die in Uttar Pradesh and Uttarakhand of hurricane