सौतेली मां के प्रताड़ना से परेशान 10 साल की मासूम पहुंची बाल संरक्षण इकाई
सौतेली मां के प्रताड़ना से परेशान 10 साल की मासूम पहुंची बाल संरक्षण इकाई सौतेली मां के प्रताड़ना से परेशान 10 साल की मासूम पहुंची बाल संरक्षण इकाई

जमुई । कार्यालय संवाददाता मुझे घर में बहुत डर लगता है। मेरी सौतेली मां मुझे मारती हैं। कई बार कमरे में बंद कर देती हैं। दरवाजा बंद करके मुंह में कपड़ा ठूस कर पिटाई करती है। मेरे पेट में चुट्टी काटती है, कैंची घोप देती है, बेलन से मारती है, सिर को दीवार में घसीट देती है। मैं रोती हूं, लेकिन मेरी बात कोई नहीं सुनता। मुझे स्कूल भी नहीं भेजा जाता। पहले मैं स्कूल जाती थी, लेकिन अब मेरी पढ़ाई भी बंद हो गई है। जब मैं चाचा को अपने साथ होने वाली परेशानी बताती हूं तो वे मेरी मदद करने की कोशिश करते हैं। अब मैं घर नहीं जाना चाहती। मुझे डर लगता है। मुझे बचा लीजिए और मुझे पढ़ने दीजिए।" ये कहना है 10 साल की बच्ची आन्वी वर्मा की। आन्वी ने अपने साथ हुए अत्याचार और प्रताड़ना का मामला सामने आया है।
आन्वी का दर्द
दरअसल,जमुई शहर की 10 साल की आन्वी वर्मा की यह आपबीती उस दर्द को सामने लाती है, जिसे वह लंबे समय से अपने ही घर में सहती आ रही थी। बार-बार की पिटाई से परेशान होकर आखिरकार उसने घर से निकलने का फैसला किया। वह अपने चाचा आनंद वर्मा के साथ बाल संरक्षण इकाई पहुंची और अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई। बच्ची के शरीर पर चोट के 100 सौ से अधिक निशान होने की बात सामने आई है। आन्वी की मां करीब आठ साल पहले पारिवारिक कारणों से घर छोड़कर चली गई थी। इसके बाद उसके पिता रवि कुमार वर्मा ने दूसरी शादी कर ली। बच्ची के नाना कमलेश प्रसाद वर्मा ने बाल संरक्षण समिति को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि दूसरी शादी के कुछ समय बाद से ही आन्वी की सौतेली मां सरोजिनी कुमारी उसे प्रताडि़त करने लगी। नाना का दावा है कि बच्ची के शरीर पर कई जगह चोट और पुराने जख्म के निशान हैं।
कानूनी कार्रवाई
शरीर के कई हिस्से को छड़ से दाग दिया गया है। चाचा आनंद वर्मा ने बताया कि आन्वी पहले स्कूल जाती थी, लेकिन अब उसकी पढ़ाई पूरी तरह बंद है। उन्होंने बताया कि आन्वी को कई बार कमरे में अकेले बंद कर मुंह में कपड़ा ठूस कर पिटाई की जाती है। आन्वी क्या पूरे शरीर पर जख्म के निशान है। उसे बेलन से पीटा जाता है,सिर को दीवार में घसीट दिया जाता है। उन्होने बताया कि आ की पिटाई की शिकायत भाई से की गई,लेकिन भाई ने जवाब दिया मेरी बेटी है, मैं जो करूं। लगातार पिटाई और डर के बीच आन्वी ने किसी तरह घर से निकलकर अपने चाचा से मदद मांगी। इसके बाद चाचा उसे लेकर बाल संरक्षण इकाई पहुंचे। वहां बच्ची ने अधिकारियों के सामने अपने साथ होने वाली घटना के बारे में बताया।
बाल कल्याण समिति की सहायक निदेशक काजल मोदी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। प्रारंभिक जांच में बच्ची के साथ परिजनों द्वारा प्रताड़ना किए जाने की बात सामने आई है। फिलहाल आन्वी प्रशासन के संरक्षण में सुरक्षित है। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले में प्राथमिकी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


