10 per cent reservation for poorer sections among general category aspirants in pvt unaided institutions - सवर्ण आरक्षण: दस फीसदी कोटा गरीबों को निजी शिक्षण संस्थानों में भी मिलेगा DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सवर्ण आरक्षण: दस फीसदी कोटा गरीबों को निजी शिक्षण संस्थानों में भी मिलेगा

The Congress has asked how the government planned to provide quota in private higher educational ins

सामान्य वर्ग के लिए लाया जा रहा दस फीसदी आरक्षण निजी शिक्षण संस्थानों पर भी लागू होगा। संसद में पेश किए गए विधेयक में यह प्रावधान किया गया है। शिक्षा के अधिकार कानून (आरटीई) के बाद यह दूसरा मौका है जब निजी संस्थानों के लिए इस प्रकार के आरक्षण का प्रावधान अनिवार्य किया जा रहा है। 
दो अहम बदलाव हो रहे है

संसद में पेश 124वें संविधान संसोधन विधेयक के तहत दो अहम बदलाव किए गए हैं। एक शिक्षण संस्थानों में आरक्षण को लेकर तथा दूसरे रोजगार को लेकर। संविधान के अनुच्छेद 15 के सेक्शन 4 एवं 5 में शिक्षण संस्थानों में आरक्षण का प्रावधान है। इसमें सरकारी सहायता प्राप्त, सहायता विहीन के अलावा निजी शिक्षण संस्थानों को भी शामिल किया गया है। हालांकि अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। 

Parliament LIVE: थावरचंद गहलोत बोले- सिख, पटेल, जाट, मुस्लिम और ईसाई गरीबों को मिलेगा आरक्षण

आरटीई के तहत कमजोर वर्ग को 25% आरक्षण है
इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा 2009 में पारित ‘शिक्षा के अधिकार (आरटीई)’ कानून में 25 फीसदी सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और उपेक्षित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। आठवीं तक के निजी स्कूलों में यह नियम लागू किया गया है। 

पहले से आरक्षण वाले संस्थानों में भी लागू होगा
मौजूदा कानूनों के तहत एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण निजी संस्थानों पर आंशिक रूप से लागू है। जो संस्थान सरकारी विश्वविद्यालय से संबद्ध होते हैं या किसी भी प्रकार से सरकारी सहायता प्राप्त करते हैं, उनमें यह कानून लागू है। लेकिन विशुद्ध रूप से निजी संस्थानों पर लागू नहीं है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय का कहना है कि जिन निजी संस्थानों में पहले से आरक्षण व्यवस्था लागू है, उनमें यह दस फीसदी आरक्षण भी लागू होगा। 

सालाना दस लाख छात्रों को लाभ
मंत्रालय ने दावा किया कि निजी और सरकारी सभी संस्थानों में आरक्षण से सालाना दस लाख छात्रों को लाभ मिलेगा। 

हर धर्म के गरीबों को लाभ
केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि जो भी जाति एससी, एसटी और ओबीसी में नहीं आती है, उन्हें सामान्य वर्ग आरक्षण का लाभ मिलेगा। साथ ही हर धर्म के गरीबों को सामान्य आरक्षण वर्ग में लाभ मिलेगा। गहलोत ने कहा कि एससी-एसटी और ओबीसी के 49.5 फीसदी आरक्षण में कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।

 

सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण विधेयक लोकसभा में पेश, जानें क्या लिखा है इसमें

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:10 per cent reservation for poorer sections among general category aspirants in pvt unaided institutions