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मिशन असफल: एक टन अतिरिक्त वजन के वजह से विफल रहा इसरो का IRNSS-1H

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भारतीय अंतरिक्ष एवं अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 29 अगस्त को भारत के आठवें नौवहन उपग्रह 'आईआरएनएसएस-1एच' का प्रक्षेपण किया था जो कि विफल रहा। इसरो के चेयरमैन एएस किरन कुमार ने इस बात की जानकारी दी थी। कहा जा रहा कि इसरो के IRNSS-1H की असफल लॉन्चिंग के पीछे एक टन का अतिरिक्त वजन रहा। प्रॉजेक्ट से जुड़े वैज्ञानिकों ने यह बात कही है। बताया गया है कि वजन के कारण सैटलाइट की रफ्तार में प्रति सेकंड एक किलोमीटर की कमी आ गई जिस कारण यह विफल रहा।

ISRO सैटलाइट सेंटर के पूर्व डायरेक्टर एसके शिवकुमार ने बताया कि लॉन्च वीइकल अपने डिजाइन के अनुसार एक टन ज्यादा वजन लेकर जा रहा था जिसके कारण हीट शील्ड इससे अलग नहीं हो पाया। इस कारण रॉकेट की गति भी प्रभावित हुई। उदाहरण के तौर पर रॉकेट की गति प्रति सेकंड 9.5 किलोमीटर होनी चाहिए थी, लेकिन इसकी गति 8.5 किलोमीटर प्रति सेकंड ही रही।

गौरतलब है कि 1,425 किलोग्राम वजन के सैटलाइट को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर के दूसरे लॉन्च पैड से PSLV-C39 से लॉन्च किया गया था। IRNSS-1H भारतीय नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम में नौ उपग्रह में शामिल है। ये 1,420 करोड़ की लागत से बना था।

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  • Web Title:1 tonne of extra weight doomed pslv irnss 1h satellite mission