

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चचेरे भाई की बेटी ब्रिस्टी मुखर्जी का शव मंगलवार सुबह बीरभूम जिले के रामपुरहाट थाना क्षेत्र के कुसुम्बा गांव स्थित उनके आवास पर लटका हुआ मिला। शुरुआती जानकारी के अनुसार शव सुबह करीब 9 बजे घर की दूसरी मंजिल के एक कमरे में पाया गया। परिवार की सूचना पर रामपुरहाट पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया। फिलहाल पुलिस ने मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
28 वर्षीय ब्रिस्टी मुखर्जी ने मार्च 2023 में बोलपुर के एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में गैर-शिक्षण कर्मचारी के रूप में मिली नौकरी गंवा दी थी। राज्य में करीब 26000 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को इसलिए बर्खास्त किया गया था क्योंकि उन्होंने भाई-भतीजावाद और कथित नकद लेन-देन के जरिए अवैध रूप से नौकरी हासिल किए था। इन नियुक्तियों को कलकत्ता उच्च न्यायालय और बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया था।
बता दें कि मृतका के पिता निहार मुखर्जी ममता बनर्जी के मामा के बेटे और तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता हैं। सूत्रों के अनुसार अदालती फैसले के बाद ब्रिस्टी तनाव में रह रही है। उच्च न्यायालय के उस आदेश के बाद, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने बरकरार रखा, नौकरी गंवाने वाले उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम 608वें स्थान पर था। हालांकि परिवार का दावा है कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से एक दिन काम करने के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था।
दरअसल, यह मामला 2016 में पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय चयन परीक्षा में नौकरियों के बदले नकद राशि के घोटाले से जुड़ा है, जिसे ममता बनर्जी के लंबे शासनकाल का एक प्रमुख भ्रष्टाचार मामला माना जाता है। तत्कालीन शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, सत्तारूढ़ दल के विधायक तथा आयोग और शिक्षा बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया और उनके नाम आरोप पत्र भी दाखिल किए गए हैं।
देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
और पढ़ें