इस्तीफा देने वाले सिद्धारमैया को लेकर दिल्ली जा रही फ्लाइट जयपुर उतर गई, क्या थी वजह

लाइव हिन्दुस्तान, जयपुर
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया की फ्लाइट दिल्ली नहीं पहुंच पाई। खराब मौसम के चलते उनके स्पेशल विमान को जयपुर में लैंड करना पड़ा। कर्नाटक के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने यह जानकारी दी है।

इस्तीफा देने वाले सिद्धारमैया को लेकर दिल्ली जा रही फ्लाइट जयपुर उतर गई, क्या थी वजह

कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया की फ्लाइट दिल्ली नहीं पहुंच पाई। खराब मौसम के चलते उनके स्पेशल विमान को जयपुर में लैंड करना पड़ा। कर्नाटक के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने यह जानकारी दी है। गौरतलब है कि सिद्धारमैया ने आज कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है। इस्तीफे के बाद प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहाकि मैंने आलाकमान के कहने पर पद छोड़ दिया है। अब आगे का फैसला आलाकमान को ही लेना है। बताया जाता है कि डीके शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं।

विमान में कौन-कौन सवार
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के तुरंत बाद सिद्धरमैया राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुए थे। यहां उनके अपने उत्तराधिकारी और मंत्रिमंडल के गठन की कवायद को लेकर कांग्रेस आलाकमान से मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ऑफिस के बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को ले जा रहा विशेष विमान खराब मौसम के कारण दिल्ली के बजाय जयपुर में उतरा है। विमान में कर्नाटक के प्रभारी और कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, मंत्री के जे जॉर्ज, बैरती सुरेश, कानूनी सलाहकार पोन्नन्ना, सिद्धारमैया के एमएलसी बेटे यतींद्र और कांग्रेस सचिव अभिषेक दत्त सवार थे।

इससे पहले खचाखच भरी प्रेसवार्ता में अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए, सिद्धारमैया (77) ने कहाकि वह साफ अंतरात्मा के साथ पद छोड़ रहे हैं। उन्होंने दो कार्यकाल तक लोगों की सेवा करने का अवसर प्रदान करने के लिए अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को धन्यवाद दिया। उन्होंने राज्यपाल थावरचंद गहलोत की अनुपस्थिति में उनके विशेष सचिव प्रभु शंकर को इस्तीफा सौंपा। सिद्धरमैया ने पत्रकारों से कहाकि मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। मुझे विश्वास है कि राज्यपाल संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लेंगे। ''

आलाकमान के आदेश का पालन
सिद्धारमैया ने कहाकि मैंने बार-बार कहा था कि जब भी पार्टी आलाकमान मुझे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को कहेगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा। आलाकमान ने मुझे दो दिन पहले पद छोड़ने का निर्देश दिया था, जिसके अनुसार मैंने आज अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने कहाकि मुझे दो बार कर्नाटक के लोगों की सेवा करने का मौका मिला जिसके लिए मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे को धन्यवाद देता हूं। जब सिद्धरमैया से पूछा गया कि क्या आलाकमान ने उन पर (इस्तीफा देने का) दबाव डाला था, तो उन्होंने कहाकि कैसा दबाव? उन्होंने मुझसे इस्तीफा देने के लिए कहा था, जिसके तुरंत बाद मैंने स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह साफ अंतरात्मा के साथ पद छोड़ रहे हैं।

कभी धन संजय के बारे में नहीं सोचा
सिद्धारमैया ने कहाकि उन्होंने कभी धन संचय के बारे में नहीं सोचा और उनका 50 वर्षों का राजनीतिक करियर सबके सामने एक खुली किताब की तरह है। प्रेसवार्ता में सिद्धरमैया के साथ उपमुख्यमंत्री एवं उनके संभावित उत्तराधिकारी डीके शिवकुमार एवं अन्य मंत्रिमंडलीय सहयोगी मौजूद थे। सिद्धरमैया ने स्पष्ट किया कि वह सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे। सिद्धरमैया ने कहाकि आलाकमान ने मुझे राज्यसभा जाने के लिए कहा था। मैंने विनम्रतापूर्वक इसे अस्वीकार कर दिया। मुझे राष्ट्रीय राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं राज्य की राजनीति में ही रहूंगा। जनता ने मुझे पांच साल के लिए चुना है और अभी दो साल बाकी हैं। तब तक मैं कर्नाटक की जनता और अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता के लिए काम करुंगा।

संविधान ही हमारा धर्म
अपने राजनीतिक संघर्ष के सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी विधायक, नेता प्रतिपक्ष, मंत्री और मुख्यमंत्री बनने का सपना नहीं देखा था। उन्होंने कहाकि राजनीति में मेरा प्रवेश आकस्मिक था क्योंकि न तो मेरे माता-पिता और न ही मेरे परिवार का कोई सदस्य राजनीति में था। सिद्धारमैया ने कहा कि (राजनीति में) जनसमर्थन पाने वाले ही टिक सकते हैं, इसलिए उन्होंने अपने मूल्यों और विचारधारा से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कहाकि भूमि, जल और भाषा जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने कभी समझौता नहीं किया तथा न ही कभी करेंगे, क्योंकि ये जनता के अधिकार हैं। उन्होंने कहाकि मेरे लिए संविधान ही हमारा धर्म है। अपनी अंतिम सांस तक मैं सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ता रहूंगा क्योंकि संविधान ऐसी ताकतों के खिलाफ खड़ा है।

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Deepak Mishra

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मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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