सोनिया जी, राहुल जी और मैं... खरगे ने दिए कर्नाटक संकट हल करने के संकेत, अगले 48 घंटे क्यों अहम
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा है कि सोनिया जी, राहुल जी से चर्चा करूंगा... फिर इस मुद्दे का समाधान किया जाएगा। सूत्रों ने बताया है कि अगले 48 घंटों में खरगे और राहुल गांधी की मीटिंग तय की जाएगी। इसके बाद डीके और सिद्धा को बुलाया जाएगा।

Karnataka Crisis: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के दो नेताओं सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच खींचतान चल रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि बहुत जल्द ही वह सोनिया गांधी और राहुल गांधी से चर्चा के बाद इस मामले का समाधान करेंगे। उन्होंने कहा है कि इस मसले पर अगले 48 घंटों के अंदर राहुल गांधी से बात करेंगे। खरगे ने कहा है कि एक दिसंबर तक यह संकट सुलझा लिया जाएगा। दरअसल, एक दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा,‘‘सोनिया जी, राहुल जी से चर्चा करूंगा...फिर इस मुद्दे का समाधान किया जाएगा।’’ सूत्रों ने बताया है कि अगले 48 घंटों में खरगे और राहुल गांधी की मीटिंग तय की जाएगी। इसके बाद संभवत:शुक्रवार को सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को दिल्ली बुलाया जाएगा। खरगे का यह बयान ऐसे समय में बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब राज्य में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर शक्ति संघर्ष तेज हो गया है।
ढाई साल पूरा होते ही नाटक शुरू
20 नवंबर को कांग्रेस सरकार के पांच वर्षीय कार्यकाल के ढाई साल पूरा होने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है, क्योंकि 2023 में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कथित ‘‘सत्ता साझेदारी’’ समझौते का दावा किया जा रहा है। इस बीच, सिद्धरमैया ने हाल ही में कहा था कि वह पूरे पांच साल के कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बने रहेंगे और भविष्य में राज्य का बजट पेश करना जारी रखेंगे।
डीके गुट ने दी अर्जी
शिवकुमार ने मंगलवार को कहा था कि वह मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर बात नहीं करना चाहते, क्योंकि यह पार्टी में चार-पांच लोगों के बीच एक ‘गुप्त समझौता’ है, और उन्हें अपनी अंतरात्मा पर भरोसा है। बता दें कि शिवकुमार समर्थक विधायकों का एक गुट दिल्ली में डेरा डाले हुए है। उनके मुताबिक, 2.5 साल का सत्ता साझाकरण की 'डेडलाइन' पिछले हफ़्ते खत्म हो चुकी है, इसलिए अब सिद्धा की जगह शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। इस गुट ने पार्टी आलाकमान को एक अर्जी भी दी है।
200% वह सीएम बनेंगे
खरगे को अर्जी देने वाले MLA में से एक रामनगर के प्रतिनिधि, इकबाल हुसैन थे, जिन्होंने दावा किया कि कांग्रेस चीफ ने सहानुभूति से उनकी बात सुनी है। मंगलवार रात हुसैन ने ऐलान किया, "200 परसेंट... वह (डीके शिवकुमार) जल्द ही चीफ मिनिस्टर बनेंगे।" दूसरी तरफ, सिद्धारमैया गुट के नेता और राज्य के लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी कांग्रेस आलाकमान से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर जल्द से जल्द स्थिति साफ करने को कहा है। जारकीहोली ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धा जल्द ही कांग्रेस अध्यक्ष खरगे से मिलने का समय मांगेंगे।
सिद्धा गुट क्या कह रहा?
जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी के MLAs इसके लिए सहमत हैं, तो जारकीहोली ने कहा कि अभी पार्टी में ऐसी कोई चर्चा नहीं हो रही है। मंत्री ने कहा, "पार्टी में लीडरशिप बदलने पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। एक बार जब यह बात सामने आएगी तो हम चर्चा करेंगे लेकिन अभी पार्टी में इस पर कोई चर्चा नहीं हो रही है।" यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने इस मामले को सुलझाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की, जरकीहोली ने कहा कि वह इस मुद्दे पर चर्चा करने और उन्हें अपनी राय बताने के लिए समय मांगेंगे और खरगे से मिलेंगे।
तीसरे नाम की भी एंट्री
गृह मंत्री जी परमेश्वर के इस दावे के बारे में कि उन्हें भी CM बनाया जाना चाहिए, लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि परमेश्वर ने पांच साल तक पार्टी अध्यक्ष के तौर पर काम किया है। उन्होंने कहा, "मैंने बेलगावी में कहा था कि ऐसे दावे करने में कुछ भी गलत नहीं है। तो वह भी सीनियर हैं लेकिन आखिर में फैसला कौन करेगा? यह दिल्ली में होता है। हम बस दावा कर सकते हैं।" रिटायरमेंट के बाद पार्टी में सिद्धारमैया की सेवाओं के बारे में, जारकीहोली ने कहा, “हमें (कांग्रेस को) एक्टिव पॉलिटिक्स से रिटायरमेंट के बाद भी CM सिद्धारमैया के नेतृत्व, उनकी सेवा और मार्गदर्शन की ज़रूरत होगी।” (एजेंसी इनपुट्स के साथ)
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


