'मुझे पता है तुमपर बहुत दबाव होगा', उठाने पहुंचे पुलिस अधिकारियों से क्या बोले सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक को मंच से उठाने जब दिल्ली पुलिस की टीम पहुंची तो उन्होंने अधिकारियों से कहा, आप लोग राजनीति में मत पड़िए। यह मेरी मर्जी की स्थिति है। मैं कोई बीमार नहीं हूं। उन्होंने कहा, मुझे पता है आप लोगों पर भी बहुत दबाव होगा।

NEET पेपर लीक की जिम्मेदारी तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनके अनशन के 21वें दिन जंतर-मंतर से उठाकर अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। शनिवार की सुबह-सुबह पुलिस की टीम पहुंची और उन्हें जबरन मंच से लेकर चली गई। इस दौरान उन्होंने अपने समर्थकों का हाथ उठाकर आभार जताया और शायद डटे रहने का संदेश दिया। अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके उसी जगह अनशन पर बैठ गए हैं।
पुलिस अधिकारियों से क्या बोले सोनम वांगचुक
पुलिस अधिकारी जब सफेद कपड़े से आड़ करके उन्हें मंच से उतार रह थे तब सोनम वांगचुक ने उनसे कहा, यह हमारी मर्जी की बात थी कि मैं अनशन कर रहा था। मुझे कोई बीमारी या फिर डिसॉर्डर नहीं है। कृपया आप राजनीति में मत पड़िया। मैं समझ सकता हूं कि आप लोगों पर बहुत दबाव होगा। वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे डॉ. सतीश लांबा ने कहा कि हाई कोर्ट ने उनके स्वास्थ्य की देखभाल करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा, कोर्ट ने यह नहीं कहा था कि उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया जाए।
पुलिस ने बयान जारी करके कहा कि हाई कोर्ट के निर्देश के मुताबिक सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर खाली करने को भी कहा है। वहां मौजूद बहुत सारे छात्रों का कहना है कि पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज भी किया है और उन्हें चोट आई है। दीपके ने दावा किया है कि कई लोगों को प्रदर्शन में आने से रोका जा रहा है। वहीं सफदरजंग अस्पताल ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य का अपडेट देते हुए कहा है कि उनकी हालत स्थिर है और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
अस्पताल ने कहा कि सुबह 7 बजकर 40 मिनट पर सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लंबे समय से अनशन करने की वजह से वह काफी कमजोर हो गए हैं और उन्हें डिहाइड्रेशन भी हुआ है। हालांकि उनकी हालत स्थिर है और उनकी लगातार निगरानी की जरूरत है। वहीं सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने आगे आकर कहा है कि शुक्रवार तक वांगचुक ठीक थे और उन्हें अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि बिना उनके और उनके डॉक्टर की सहमित के सोनम वांगचुक को कोई इलाज ना दिया जाए। गीतांजलि ने कहा कि 20 तारीख को होने वाले संसद में मार्च में वह वांगचुक की जगह शामिल होंगी।
वांगचुक के समर्थन में कांग्रेस, सरकार पर बरसी
वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जंतर मंतर पर जो हुआ वह लोकतंत्र और संविधान पर एक और काला धब्बा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि जंतर-मंतर पर जो हुआ, वह लोकतंत्र और संविधान पर एक और काला धब्बा है। उन्होंने कहा कि चाहे माँ गंगा को बचाने के लिए 111 दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे प्रो. जी. डी. अग्रवाल हों, हरियाणा की ओलंपिक महिला पहलवान हों, 750 आंदोलनकारी किसान, दलित-आदिवासी समुदाय या फिर पेपर लीक से प्रभावित छात्र और उनके परिजन, इस सरकार ने किसी की आवाज़ नहीं सुनी।


