सोनम वांगचुक के अनशन में पहुंचीं ‘लप्पू सा सचिन’ कहने वाली मिथिलेश भाभी, धर्मेंद्र प्रधान पर क्या बोलीं?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक कई दिनों से अनशन कर रहे हैं। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए मिथिलेश भाभी भी पहुंचीं। यह वही मिथिलेश हैं, जिनका लप्पू सा सचिन है वाला डायलॉग कुछ सालों पहले बहुत फेमस हुआ था।

Sonam Wangchuk Protest: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे हैं। शुक्रवार को उनके अनशन का 20वां दिन है और उनकी तबीयत दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। रोजाना कई नामी-गिरामी चेहरे सोनम से मुलाकात करने के लिए जंतर-मंतर जा रहे हैं और उनसे अनशन खत्म करने की अपील कर रहे हैं। हालांकि, वांगचुक ने साफ कर दिया है कि वह 20 जुलाई को संसद चलो को सफल नहीं बना लेते, तब तक अनशन से नहीं हटेंगे। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए मिथिलेश भाटी भी पहुंचीं। यह वही मिथिलेश हैं, जिनका लप्पू सा सचिन है वाला डायलॉग कुछ सालों पहले बहुत फेमस हुआ था।
दरअसल, कुछ साल पहले दिल्ली के नजदीक ग्रेटर नोएडा के रहने वाले सचिन ने पाकिस्तान की सीमा हैदर से प्रेम किया था। पब्जी के जरिए दोनों की मुलाकात हुई और फिर नेपाल के जरिए सीमा हैदर भारत आ गई। कई महीनों तक सीमा हैदर और सचिन मीणा की स्टोरी सोशल मीडिया पर छाई रही। इसी दौरान, एक इंटरव्यू में सचिन के घर के पास रहने वाली मिथिलेश भाटी ने कुछ ऐसा कह दिया था, जोकि वायरल हो गया था। उन्होंने सचिन को कहा था कि लप्पू सा तो सचिन है। यह सुनते ही लोग काफी हंसे थे और वीडियो कई महीनों तक वायरल होता रहा।
अब मिथिलेश भाटी जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के आंदोलन में शामिल होने पहुंचीं। यहां पर जब एक शख्स ने उनसे धर्मेंद्र प्रधान पर सवाल किए तो भाटी ने कहा कि सिस्टम ही लप्पू हो गया है। इतना सुनते ही आसपास के लोग फिर से हंसने लगे। मिथिलेश भाटी का यह वीडियो इंस्टाग्राम और एक्स पर काफी वायरल हो रहा है।
'मैं किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा: वांगचुक
वहीं, सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को कहा कि वह किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जीवित रहेंगे। उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का आज 20वां दिन है और डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय से चल रहा उनका उपवास अब गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) का विरोध प्रदर्शन 28वें दिन में प्रवेश कर गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। प्रदर्शन स्थल पर समर्थकों को संबोधित करते हुए वांगचुक ने अपनी बिगड़ती शारीरिक स्थिति को स्वीकार किया, लेकिन कहा कि उनका संकल्प अडिग है।
'बाहर से कमजोर हूं, लेकिन अंदर से बहुत मजबूत'
उन्होंने कहा, "मैं बाहर से कमजोर हूं, लेकिन अंदर से बहुत मजबूत हूं। मुझे यकीन है कि आप सभी अंदर और बाहर, दोनों तरह से मजबूत हैं। हमें 20 जुलाई के लिए इस ऊर्जा की जरूरत है, जब हम संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे। हम सब मिलकर लोकतंत्र के मंदिर में अपनी बात रखेंगे।" पिछले 24 घंटों में वांगचुक का वजन 350 ग्राम और कम हो गया, जिससे उनका कुल वजन लगभग 9.5 किलोग्राम कम हो गया है। उनकी देखभाल कर रहे चिकित्सकों के दल की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक का वजन अब 56.55 किलोग्राम है। उनका रक्तचाप 108/68 एमएमएचजी, शुगर लेवल 80 एमजी/डीएल, पल्स रेट 72 प्रति मिनट और ऑक्सीजन संतृप्तता 96 प्रतिशत दर्ज की गई।


