सोनम वांगचुक के अनशन पर आया कांग्रेस का बयान, कहा- हम भी डेढ़ महीने...
कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि हम वांगचुक जी की पीड़ा और गुस्से को समझते हैं, खासकर मोदी सरकार के अंदर जवाबदेही की कमी के कारण।

कांग्रेस ने गुरुवार को सोनम वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने की अपील की और कहा कि उनकी चिंताएं हमारी चिंताएं हैं और पार्टी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करती रहेगी। कांग्रेस के संगठन प्रभारी महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा, "सोनम वांगचुक अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 19 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस डेढ़ महीने से ज्यादा समय से यही मांग कर रही है।"
वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "हम श्री वांगचुक जी की पीड़ा और गुस्से को समझते हैं, खासकर मोदी सरकार के अंदर जवाबदेही की कमी के कारण - खासकर परीक्षा सिस्टम के खराब होने के लिए।" कांग्रेस नेता ने कहा, "उनकी सेहत को देखते हुए, हम वांगचुक से अपील करते हैं कि वे अपना अनशन खत्म कर दें। उनकी चिंताएं हमारी और दूसरी विपक्षी पार्टियों की भी चिंताएं हैं। निश्चिंत रहें, हम मोदी सरकार का सामना करते रहेंगे और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे।"
इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वांगचुक के अनशन के बारे में पूछे जाने पर, कांग्रेस के कम्युनिकेशन्स के इंचार्ज जनरल सेक्रेटरी जयराम रमेश ने कहा कि उनकी पार्टी पिछले दो महीनों से प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि कई और लोग भी प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 जून को कोटा में यह मांग की थी और शुक्रवार को देहरादून में स्टूडेंट्स से बातचीत के दौरान ऐसा करेंगे।
गुरुवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 19वें दिन वांगचुक का वजन नौ किलोग्राम से ज्यादा कम हो गया। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि वह एक क्रिटिकल स्टेज में आ गए हैं और लंबे समय तक भूख हड़ताल करने से उनके अंगों पर असर पड़ सकता है। बुधवार देर रात जारी एक वीडियो मैसेज में, वांगचुक ने राजनीतिक नेताओं और समर्थकों की अपील के बावजूद अपनी भूख हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया और कहा कि सरकार की तरफ से कोई जवाब दिए बिना ऐसा करने से गलत मैसेज जाएगा।
कई नामी-गिरामी हस्तियों ने की मुलाकात
इसके बजाय, उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित पार्लियामेंट मार्च को मजबूत करने की अपील की। वहीं, किसान नेता राकेश टिकैत ने ऐलान किया कि वह गुरुवार शाम को जंतर-मंतर पर वांगचुक से मिलेंगे। म्यूजिक कंपोजर विशाल ददलानी, एक्टर सयाजी शिंदे और लेखिका शोभा डे ने भी सरकार से एक्टिविस्ट से बातचीत करने की अपील की और उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई।
वांगचुक की सेहत पर कोर्ट ने नजर रखने को कहा
इससे पहले दिन में, दिल्ली हाई कोर्ट ने अधिकारियों को वांगचुक की सेहत पर रोजाना नजर रखने और जरूरत पड़ने पर मेडिकल मदद देने का निर्देश दिया। कहा कि किसी भी नागरिक की जान कीमती है। केंद्र और दिल्ली सरकार ने कोर्ट को बताया कि उन्हें रेगुलर मेडिकल मॉनिटरिंग से कोई दिक्कत नहीं है। कॉकरोच जनता पार्टी, NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है और उसने मॉनसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया है।


