'अभी होश में हैं, लेकिन...' सोनम वांगचुक की सेहत पर डॉक्टरों ने दिया बड़ा अपडेट
मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने साफ किया है कि उनकी सेहत को स्थिर बनाए रखने के लिए उन्हें 24 घंटे डॉक्टरों की सख्त निगरानीमें रखने और किसी भी आपातकालीन मेडिकल हस्तक्षेप के लिए तैयार रहने की जरूरत है।

सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. चारु बांबा ने एक बड़ा अपडेट दिया है। डॉ. बांबा के अनुसार, सोनम वांगचुक पूरी तरह से होश में हैं। 21 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बाद दिल्ली पुलिस ने शनिवार को सोनम को जबरन अस्पताल में भर्ती कराया था।
डॉ. के अनुसार, उनके शरीर के मुख्य लक्षण जैसे कि ब्लड प्रेशर (BP), पल्स रेट (धड़कन) और ऑक्सीजन सैचुरेशन फिलहाल सामान्य बने हुए हैं। लगातार उपवास और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के कारण उनके खून की जांच और इलेक्ट्रोलाइट लेवल में कुछ गिरावट दर्ज की गई है, जिसके लिए अस्पताल में जरूरी मेडिकल केयर और ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।
मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने साफ किया है कि उनकी सेहत को स्थिर बनाए रखने के लिए उन्हें 24 घंटे डॉक्टरों की सख्त निगरानीमें रखने और किसी भी आपातकालीन मेडिकल हस्तक्षेप के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
सोनम वांगचुक NEET-UG में हुई कथित धांधली और पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे थे। 18 जुलाई (शनिवार) की सुबह दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और बिगड़ती सेहत का हवाला देकर दिल्ली पुलिस ने उन्हें जबरन सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट किया था। हालांकि, अस्पताल प्रशासन के दावों के उलट वांगचुक के परिवार और सहयोगियों ने उनकी सहमति के बिना इलाज किए जाने पर आपत्ति जताई है।
हाई कोर्ट को क्यों गईं सोनम की पत्नी?
दूसरी तरफ सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा उन्होंने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने कहा कि वह अपनी याचिका पर रविवार को तत्काल सुनवाई का अनुरोध करेंगी।
आंग्मो ने कहा कि उनका ''सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं रहा'' है और वह वांगचुक की तबीयत और बिगड़ने से पहले उन्हें वहां से निकालकर अपनी पसंद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना चाहती हैं।
आंग्मो ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि किसी भी परिवार को अपने प्रियजन का इलाज किस अस्पताल में कराया जाए, यह तय करने के लिए प्रशासन से संघर्ष करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में वांगचुक के पोटेशियम स्तर के वास्तविक आंकड़े को ''सुविधाजनक ढंग से छोड़ दिया गया'' है।
‘हमारी आवाजाही पर कड़ी पाबंदी है’
उन्होंने कहा, ''बार-बार अनुरोध करने के बावजूद अस्पताल उन्हें छुट्टी देने या हमारी पसंद के किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं दे रहा है। जिस मंजिल पर हम हैं वहां लगभग 30 पुलिसकर्मी तैनात हैं और पूरे अस्पताल में 100 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद हैं। हमारी आवाजाही पर कड़ी पाबंदी है। यह चिकित्सकीय देखभाल नहीं, बल्कि अवैध हिरासत है।''
उन्होंने कहा, ''इसलिए मैंने हाई कोर्ट का रुख किया है और आज तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया है, ताकि सोनम की तबीयत और बिगड़ने से पहले उन्हें स्थानांतरित करने की अनुमति मिल सके। किसी भी परिवार को अपने प्रियजन का इलाज किस अस्पताल में कराया जाए, यह तय करने के लिए प्रशासन से संघर्ष करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।''


