कोई मूर्ख ही होगा जो कांग्रेस के ऐतिहासिक गढ़ से चुनाव लड़े, ऐसा क्यों बोलीं स्मृति ईरानी?
स्मृति ईरानी ने अपने चुनावी करियर के बारे में बात करते हुए बताया कि उन्हें पार्टी की ओर से जहां भेजा जाता है, वहां जाती हैं। उन्होंने कहा कि मुझे राज्यसभा दो बार भेजा गया, तब भी पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से मेरे पास फोन आया था।

भाजपा महामंत्री स्मृति ईरानी ने हाल ही में संगठन में जबरदस्त वापसी की है। पिछले लोकसभा चुनाव में अमेठी से मिली हार के बाद दो सालों तक वह चर्चाओं से लगभग बाहर हो गई थीं, लेकिन नितिन नवीन की टीम में उन्हें महामंत्री बनाया गया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने अमेठी से मिली हार के बाद टीवी सीरियल की ओर रुख करने, लोकसभा और राज्यसभा चुनाव लड़ने समेत तमाम मुख्य मुद्दों पर बातचीत की है।
'अमर उजाला' से बात करते हुए स्मृति ईरानी से जब पूछा गया कि अमेठी से हार मिली तो उसके बाद सीरियल में चली गईं। एकदम से ऐसा क्यों किया? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि राजनीति को लेकर लोग समीक्षा करते हैं कि आपके पास सत्ता पक्ष में कोई पद है या नहीं। भाजपा कार्यकर्ताओं को पता है कि हमने बड़ा समय विपक्ष में देखा है। इसलिए जरूरी नहीं है कि सत्ता के लिए लालयित कार्यकर्ता ही पक्ष से जुड़ें। यहां ऐसे कार्यकर्ता हैं जिन्हें पता था कि लंबा समय विपक्ष में काटना है और संगठन को सत्ता के करीब लाना है।
उन्होंने अपने चुनावी करियर के बारे में बात करते हुए बताया कि उन्हें पार्टी की ओर से जहां भेजा जाता है, वहां जाती हैं और पार्टी के लिए काम करती हैं। उन्होंने अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ने के मामले में बताया कि यह पार्टी का फैसला था, जो उन्होंने स्वीकार किया। उन्होंने कहा, ''मुझे राज्यसभा दो बार भेजा गया, तब भी पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से मेरे पास फोन आया था। या लोकसभा कहां से लड़ना है… कोई मूर्ख ही होगा जो कांग्रेस के ऐतिहासिक गढ़ से चुनाव लड़े। चूंकि, पार्टी मुझसे कहती है कि आज यहां जाना है। बोरिया-बिस्तर बांध लो, निकल जाना है। उसी दृष्टिकोण से आजतक दायित्व और मौका मिला।''
टीवी सीरियल में वापसी पर क्यों बोलीं स्मृति ईरानी
चुनाव हारने के बाद टीवी सीरियल करने के मामले में ईरानी ने कहा कि जहां तक मीडिया में वापस लौटने की बात है, तो जब मैं 20 साल तक थी, तब मीडिया का शिखर देखा। जो बेंचमार्क बनाया था, वो किसी ने रिकॉर्ड तोड़ा नहीं। मुझे याद है कि उदय शंकर को फोन किया और पूछा कि नौकरी मिलेगी? इस पर वे स्तब्ध हो गए और कहा कि आप तो कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं, आप नौकरी क्यों करेंगी? मुझे ऐसा लगा कि इसमें कोई शर्म नहीं होनी चाहिए। अपनी मेहनत से दो वक्त की रोटी कमा रहे हैं। कैबिनेट का हिस्सा रह चुके हैं, इसका मतलब यह नहीं कि आपकी क्षमता कम हो चुकी है। नौकरी जब मांगी तो उन्होंने एकता कपूर से बात की और फिर मौका मिला।
अमेठी हार के बाद टीवी सीरियल का किया था रुख
बता दें कि स्मृति ईरानी भाजपा की दिग्गज नेता हैं, जो अतीत में राज्यसभा और लोकसभा, दोनों में रह चुकी हैं। 2014 में अमेठी से उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, हालांकि, उसमें हार मिली। इसके बाद, 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए राहुल गांधी को हरा दिया। इसके बाद, 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा ने पराजित किया। अमेठी हारने के बाद स्मृति ईरानी ने टीवी का रुख किया और क्योंकि सास भी कभी बहू थी के सीजन 2 में नजर आईं।


