विमान जैसी यात्रा का अनुभव, बेहतर स्लीपिंग बर्थ; Sleeper Vande Bharat के फीचर्स कर देंगे हैरान
Sleeper Vande Bharat ट्रेन में 16 वातानुकूलित कोच हैं, जिसमें एक एसी फर्स्ट क्लास, चार एसी टू-टियर और 11 एसी थ्री-टियर शामिल हैं। ट्रेन की कुल क्षमता लगभग 823 यात्रियों की है।
Sleeper Vande Bharat Features: जिस ट्रेन का इंतजार काफी समय से किया जा रहा था, उसे लॉन्च कर दिया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन स्टेशन से हावड़ा और गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन की लंबे अरसे से चर्चा थी। आने वाले समय में यह देश के विभिन्न प्रमुख रूटों पर दौड़ना शुरू कर देगी। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को आधुनिक भारत की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। यह ट्रेन पूरी तरह से वातानुकूलित होगी और यात्रियों को कम दाम में विमान जैसा यात्रा अनुभव मिलेगा। इसके अलावा, अन्य ट्रेनों की तुलना से इसमें बेहतर स्लीपिंग बर्थ मिलेगी।
हावड़ा-गुवाहाटी मार्ग पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलने से यात्रा समय में 2.5 घंटे की महत्वपूर्ण कमी आएगी, जिससे धार्मिक यात्रा और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। बयान में कहा गया, “यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी।” हावड़ा-गुवाहाटी मार्ग पर चलने वाली सरायघाट एक्सप्रेस जहां पूरे सफर में 17 घंटे लेती है, वहीं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निर्धारित समय 14 घंटे होगा।
स्लीपर वंदे भारत के फीचर्स
स्लीपर वंदे भारत ट्रेन में 16 वातानुकूलित कोच हैं, जिसमें एक एसी फर्स्ट क्लास, चार एसी टू-टियर और 11 एसी थ्री-टियर शामिल हैं। ट्रेन की कुल क्षमता लगभग 823 यात्रियों की है। आधिकारिक बयान के अनुसार, स्वदेशी रूप डिजाइन की गई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने कोटा-नागदा मार्ग पर किए गए हाई-स्पीड ट्रायल में 180 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ ली थी।
बेहतर स्लीपिंग बर्थ
ट्रेन में एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किए गए स्लीपिंग बर्थ हैं जो रात भर की यात्रा के लिए शरीर को बेहतर सपोर्ट देंगे। दूसरी ओर, कोचों के बीच ऑटोमैटिक दरवाजों से ट्रेन के अंदर सुरक्षित और सुविधाजनक आवाजाही में मदद मिलने की उम्मीद है। ट्रेन में अच्छी तरह से प्लान किया गया सामान रखने की जगह को, यूएसबी चार्जिंग पोर्ट, एक बेहतर सुरक्षा सिस्टम, दिव्यांगों के लिए अनुकूल जगहें, मॉड्यूलर पैंट्री और एक एडवांस्ड फायर सेफ्टी सिस्टम भी होगा। सभी कोचों में सीसीटीवी सर्विलांस लगाया गया है। एक इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम भी है जो यात्रियों को इमरजेंसी की स्थिति में ट्रेन क्रू से सीधे बात करने की सुविधा देता है।

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी को मीडिया में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।
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