केतन के साथ खड़ी थी सिया, फिर धक्के के समय कैसे बची; ऐसे कर दी चालाकी
आरोप है कि 20 वर्षीय सिया गोयल और उसके प्रेमी 22 साल के चेतन चौधरी ने 25 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल को किले से धक्का देकर उनकी हत्या कर दी थी। फिलहाल, जांच जारी है।

पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल कथित तौर पर न केवल अपने प्रेमी चेतन चौधरी को लोहागढ़ किले से केतन को धक्का देने का संकेत देने के लिए बैठी थी, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी कि धक्का दिए जाने के दौरान वह खुद केतन की पहुंच से दूर रहे। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, चेतन चौधरी ने भी वारदात से पहले पूरी तैयारी की थी। वह ऐतिहासिक स्थल तक स्कूटर से गया, क्योंकि उसे आशंका थी कि यदि वह कार से जाता तो टोल प्लाजा के रिकॉर्ड के जरिए उसकी पहचान हो सकती है। इसने बताया कि 20 वर्षीय सिया गोयल और 22 वर्षीय चेतन चौधरी को 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने और 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले से उसे खाई में धक्का देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
बैठकर देना था सिग्नल
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि योजना के अनुसार सिया गोयल को बैठकर संकेत देना था, जिसके बाद चेतन चौधरी पीछे से आकर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का दे देता। अधिकारी के अनुसार, दोनों ने इस योजना को सटीकता के साथ अंजाम दिया। दोनों ने तय किया था कि सिया या तो पानी पीने के बहाने या जूते के फीते बांधने के बहाने बैठेगी और उसका बैठना ही चेतन के लिए हमला करने का संकेत होगा। पुलिस के अनुसार, यह तरीका सिया गोयल की सुरक्षा को ध्यान में रखकर भी अपनाया गया था।
अधिकारी ने कहा, 'बैठकर संकेत देने का तरीका जानबूझकर चुना गया था ताकि धक्का दिए जाने के समय सिया केतन की पहुंच से बाहर रहे। दोनों को आशंका थी कि यदि चेतन, केतन को धक्का देता और गिरते समय केतन सिया को पकड़ने की कोशिश करता, तो वह भी खाई में गिर सकती थी। इसलिए पूरी योजना उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई थी।'
चेतन चौधरी ने ऐसे छिपाई पहचान
जांच में यह भी सामने आया कि सह-आरोपी चेतन चौधरी ने अपनी मौजूदगी छिपाने के लिए विशेष सावधानी बरती। पुलिस के अनुसार, वह 18 जून को पुणे से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित लोहागढ़ किले तक कार के बजाय स्कूटर से गया, ताकि टोल प्लाजा के रिकॉर्ड में उसकी कार का पता न चल सके। पुलिस ने वह स्कूटर जब्त कर लिया है।
स्कूटर से पुणे लौटा
अधिकारी ने बताया कि वारदात के बाद चेतन उसी स्कूटर से पुणे लौट गया। जांच में यह भी पता चला कि किले पर पहुंचने के बाद उसने अपना हुलिया बदल लिया था। अधिकारी ने कहा, 'वह किले पर हुडी पहनकर चढ़ा, बाद में उसे उतारकर उसने काली टी-शर्ट पहन ली और लौटते समय फिर से हुडी पहन ली। पुलिस का मानना है कि ऐसा पहचान छिपाने के लिए किया गया।'
पुलिस सिया गोयल को किले ले गई
उन्होंने बताया कि रविवार को पुलिस सिया गोयल को लोहागढ़ किले ले गई, जहां डमी की मदद से घटना को दोहराया गया। इसका उद्देश्य 18 जून की घटना के क्रम की पुष्टि करना था।
पुलिस के अनुसार, दोनों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वारदात से पहले वे किले पर उपयुक्त स्थान चुनने और अभ्यास करने भी गए थे। हालांकि, पुलिस अभी यह पता लगा रही है कि उन्होंने अभ्यास किस अन्य स्थान पर किया था।
अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत सोमवार को समाप्त हो रही है। उन्हें अदालत में पेश कर आगे की पुलिस हिरासत मांगी जाएगी। वहीं, शनिवार को पुलिस ने सिया गोयल के पिता, मां और भाई से भी लंबी पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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