खुल गया सिया गोयल का काला चिट्ठा? ना डर, ना कोई मलाल; केतन हत्या जांच टीम के सामने ऐसी करतूत
अपने मंगेतर केतन को प्रेमी चेतन के साथ मिलकर मौत के घाट उतारने वाली सिया का काला चिट्ठा खुलता जा रहा है। सिया के मन में अब भी केतन की मौत का कोई मलाल नहीं दिखाई दे रहा है। यह बात रविवार को केतन मर्डर के सीन रिक्रिएशन के दौरान साबित हो गई।

अपने मंगेतर केतन को प्रेमी चेतन के साथ मिलकर मौत के घाट उतारने वाली सिया का काला चिट्ठा खुलता जा रहा है। सिया के मन में अब भी केतन की मौत का कोई मलाल नहीं दिखाई दे रहा है। यह बात रविवार को केतन मर्डर के सीन रिक्रिएशन के दौरान साबित हो गई। पुलिस सिया और चेतन को लेकर लोहागढ़ किले पर पहुंची थी। इस दौरान पुलिस ने सिया से वह जगह बताने को कहा, जहां से उसने केतन को धक्का मारा था। इसके बाद सिया पुलिस को ठीक उस जगह पर लेकर पहुंच गई, जहां उसने मर्डर को अंजाम दिया था। पुलिस का कहना है कि इससे यह बात साबित होती है कि यह कोई हादसा नहीं था। एक सोची-समझी साजिश के तहत इसे अंजाम दिया गया।
एक पल की भी हिचक नहीं
केतन हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस टीम रविवार को सिया और चेतन को लेकर लोहागढ़ फोर्ट गई थी। इसका मकसद मर्डर सीन रिक्रिएट करके जांच को आगे बढ़ाना था। न्यूज 18 के मुताबिक जांचकर्ताओं ने बताया कि इस दौरान सिया एक पल के लिए भी नहीं हिचकिचाई। वह जांच टीम को सीधे उस जगह पर लेकर पहुंच गई जहां से उसने चेतन को धक्का दिया था। पुलिस के मुताबिक अगर चेतन की मौत एक हादसा होती तो सिया के लिए उस जगह को ढूंढना थोड़ा मुश्किल होता। या फिर वह किसी भी जगह से गिर सकता था। लेकिन जिस तरह से सिया ठीक उस स्पॉट पर लेकर पुलिस को पहुंची जहां से चेतन गिरा था, यह साफ करता है कि चेतन को मारा गया है। यह पहाड़ी, किले में स्थित हाथी तालाब के पास है।
सीन रिक्रिएट के दौरान क्या हुआ
सीन रिक्रिएट करने के दौरान फोरेंसिक टीम ने केतन की लंबाई और वजन वाली एक डमी का इस्तेमाल किया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस दौरान सिया ने ही डमी को उस जगह से धक्का दिया, जहां से उसने केतन को गिराया था। इसके बाद डमी ठीक उसी जगह पर जाकर गिरी, जहां से केतन की बॉडी मिली थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सिया ने लगभग यह बात कबूल कर ली है कि उसने ही केतन को धक्का मारा था। यही वजह है कि अकेले उसको ही, स्पॉट पर ले जाकर डमी को धक्का दिलवाया गया।
चेतन का कारनामा
जांच में यह भी सामने आया कि सह-आरोपी चेतन चौधरी ने अपनी मौजूदगी छिपाने के लिए विशेष सावधानी बरती। पुलिस के अनुसार, वह 18 जून को पुणे से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित लोहागढ़ किले तक कार के बजाय स्कूटर से गया, ताकि टोल प्लाजा के रिकॉर्ड में उसकी कार का पता न चल सके। पुलिस ने वह स्कूटर जब्त कर लिया है। अधिकारी ने बताया कि वारदात के बाद चेतन उसी स्कूटर से पुणे लौट गया। जांच में यह भी पता चला कि किले पर पहुंचने के बाद उसने अपना हुलिया बदल लिया था। अधिकारी ने कहाकि वह किले पर हुडी पहनकर चढ़ा, बाद में उसे उतारकर उसने काली टी-शर्ट पहन ली और लौटते समय फिर से हुडी पहन ली। पुलिस का मानना है कि ऐसा पहचान छिपाने के लिए किया गया।
पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वारदात से पहले वे किले पर उपयुक्त स्थान चुनने और अभ्यास करने भी गए थे। हालांकि, पुलिस अभी यह पता लगा रही है कि उन्होंने अभ्यास किस अन्य स्थान पर किया था। अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत सोमवार को समाप्त हो रही है। उन्हें अदालत में पेश कर आगे की पुलिस हिरासत मांगी जाएगी।


