सिया गोयल और चेतन ने सोचा तगड़ी प्लानिंग की, पर हत्या के बाद एक फोन वाली चूक कर बैठे
पुणे कांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल 14 जून को भी केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किला ले गई थी। आरोप है कि उस दिन उसने केतन को चट्टान से नीचे धक्का देने की कोशिश भी की लेकिन केतन ने समय रहते एक झाड़ी पकड़ ली और खुद को बचा लिया।

पुणे में 20 साल की सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या कर दी। कम उम्र में भी दोनों आरोपियों ने इस हत्याकांड की बारीकी से प्लानिंग की थी, लेकिन उनकी इसी प्लानिंग ने उसे पुलिस की गिरफ्त तक पहुंचा दिया। नौबत यहां तक आ गई कि आशिकी की सनक में केतन को मौत के घाट उतारने वाले इस कपल ने दोनों पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए थे।
बंद फोन से गहराया शक
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया है कि चेतन ने 18 जून को सुबह 7 बजे फोन का इंटरनेट बंद कर दिया गया था। खास बात है कि कनेक्शन शाम 5 बजकर 40 मिनट तक बंद रहा। जांच में जुटे अधिकारियों का कहना है कि चेतन ने जानबूझकर अपना फोन दुकान पर छोड़ा था।
एक चूक से पकड़ा गया
खास बात है कि चेतन अपनी दुकान के एक कर्मचारी का फोन अपने साथ लेकर गया था। ऐसा उसने अपनी लोकेशन को छिपाने के लिए किया था। अब पुलिस का कहना है कि करीब 640 मिनट तक चेतन के इस तरह से गायब होने के चलते संदेह पैदा हुआ। इसके बाद पुलिस ने इन 640 मिनटों के बीच आए कॉल की जांच की गई। पुलिस कहना है कि कॉल करने वाले सभी लोगों ने एक ही तरह की बात की, लेकिन किसी ने भी युवक से नहीं बल्कि कर्मचारी से बात की।
बुधवार को ही पुलिस ने कर्मचारियों को तलब किया था। इसके बाद सिया गोयल के कॉल रिकॉर्ड्स की भी जांच गई थी। पुलिस का कहना है कि इस रिकॉर्ड्स के जरिए ही दोनों के बीच बातचीत की जानकारी और रिश्ते का भी पता लगा। अखबार से बातचीत में एक अधिकारी ने बताया है कि 1 से 18 तारीख के बीच दोनों के बीच 2 हजार से ज्यादा बार बातचीत हुई थी। दोनों ने जनवरी से लेकर जून तक 238 घंटों तक बात की थी।
कैफे में मिले
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने कहा, 'जांच में यह भी पता चला है कि घटना वाले दिन सिया और चेतन लोहगढ़ किला जाने से पहले एक कैफे में मिले थे और उन्होंने केतन को खत्म करने की साजिश को अंतिम रूप दिया था।' उन्होंने कहा, 'मुलाकात के दौरान दोनों ने किले की एक ऐसी उपयुक्त जगह की पहचान की, जहां से केतन को खाई में धकेला जा सके। उन्होंने हत्या की साजिश को अंजाम देने की पूरी तैयारी भी की।'
क्यों मार डाला
पुलिस के अनुसार, दोनों केतन को अपने रिश्ते में अड़चन मानते थे और इसलिए उन्होंने रियल एस्टेट कारोबारी को रास्ते से हटाने का फैसला किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सिया ने छह जून को मुंबई हवाई अड्डे जाते समय केतन का पासपोर्ट गायब करके प्री वेडिंग शूट के लिए बाली जाने की दोनों की योजना पर पानी फेर दिया था।
फेंका पासपोर्ट
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दिनेश तायडे ने पीटीआई भाषा को बताया, 'जांच के दौरान पता चला है कि खालापुर के फूड मॉल में कार से पासपोर्ट चुराने के बाद सिया ने उसे महिलाओं के वॉशरूम में फेंक दिया था। हम हत्या की जांच तो कर ही रहे हैं, साथ ही एक टीम को मॉल भी भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पासपोर्ट बरामद किया सकता है या नहीं।'
बहन ने खोले राज
तायडे ने कहा, 'केतन की बहन संजना और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ के दौरान हमें पता चला कि घटना से पहले सिया ने चेतन पर कई बार अपने साथ लोहागढ़ किला चलने का दबाव बनाया था।' उन्होंने बताया, 'सिया 31 मई को केतन को लोहागढ़ किला ले गई थी। उसने चार जून को घूमने के लिए फिर से लोहागढ़ किला जाने पर जोर दिया। हालांकि, केतन की मां ने उन्हें दूसरी बार वहां जाने की इजाजत नहीं दी।'
हुडी पहनकर घूम रहा था चेतन
मौत की गुत्थी उस सीसीटीवी फुटेज की मदद से सुलझी जिसमें हुडी पहने एक शख्स केतन और उनकी मंगेतर सिया गोयल का पीछा करता नजर आया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, करीब 33 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद एक व्यक्ति का 'हुडी' पहनकर घूमना उन्हें असामान्य लगा और उसकी संदिग्ध गतिविधियों और हाव भाव ने भी जांचकर्ताओं का ध्यान खींचा।
मामले की जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य और परिस्थितियां सामने आईं जिन्होंने इस कथित हादसे पर सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद हमने मामले की गहन पड़ताल शुरू की। जब किले के टिकट काउंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई तो उसमें केतन और सिया एक साथ किले की ओर जाते दिखाई दिए जिससे जांच को एक महत्वपूर्ण दिशा मिली।'
फुटेज को बारीकी से खंगालने पर पुलिस की नजर एक ऐसे शख्स पर पड़ी, जो केतन और सिया से कुछ मीटर पीछे चल रहा था।
एक अधिकारी ने कहा, 'उस व्यक्ति ने 'शॉर्ट्स' और 'हुडी' पहन रखी थी। 'हुडी' का अगला हिस्सा इतना नीचे कर रखा था कि उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। इसके अलावा उसने 'हुडी' के ऊपर 'हेडसेट' भी लगा रखा था। एक अन्य फुटेज में हमने देखा कि सिया अचानक पीछे मुड़कर देखती है और उसी समय 'हुडी' पहने वह व्यक्ति भी अचानक बैठ जाता है। यह संयोग बेहद संदिग्ध लगा।'
अधिकारी ने बताया कि बाद में पुलिस ने 18 जून को उस समय के तापमान का पता लगाया जो करीब 33 डिग्री सेल्सियस था और यह बात खटकी कि इतनी गर्मी में कोई व्यक्ति आखिर 'हुडी'क पहनकर क्यों घूम रहा था।
लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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