आपके घर कब आएंगे BLO? कब आएगी फाइनल वोटर ल‍िस्‍ट, कब तक होगी आपके क्‍लेम की सुनवाई? देखें पूरा शेड्यूल

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37.74 करोड़ वोटरों की जांच का काम शुरू, ड्राफ्ट ल‍िस्‍ट बताएगा आपका नाम वोटर ल‍िस्‍ट में है या कट गया, क्‍लेम‍ करने के ल‍िए वोटरों को एक महीने का समय द‍िया जाएगा, दुबारा व‍ेर‍िफाई करने के बाद फाइनल वोटर ल‍िस्‍ट जारी कर दी जाएगी

आपके घर कब आएंगे BLO? कब आएगी फाइनल वोटर ल‍िस्‍ट, कब तक होगी आपके क्‍लेम की सुनवाई? देखें पूरा शेड्यूल

चुनाव आयोग ने SIR के तीसरे फेज का काम शुरू कर दिया है। वोटर ल‍िस्‍ट को अपडेट करने के ल‍िए बूथ लेवल पर वोटरों के वेर‍िफ‍िकेशन की प्रक्र‍िया शुरू कर दी गई है। वोटरों की डिटेल्‍स, प्रूफ करने वाले कागज और वोटर कार्ड जांचने का काम महीनेभर चलेगा। उसके हफ्तेभर बाद वोटर ल‍िस्‍ट का ड्राफ्ट जारी क‍िया जाएगा। यह कच्‍चा ल‍िस्‍ट होगा, इसमें फेरबदल हो सकेगा। जो लोग वोटर वेर‍िफ‍िकेशन में गलती से छूट जाएंगे, उन्‍हें ड्राफ्ट ल‍िस्‍ट से पता चल जाएगा और फ‍िर इसमें अपना नाम जुड़वाने के ल‍िए अपील कर सकेंगे। या फ‍िर कागज सही होने के बावजूद ज‍िन्‍हें वेर‍िफाई नहीं क‍िया जाएगा, वे लोग कंपलेन कर सकेंगे, प्रूफ दे सकेंगे। वोटरों को इसके ल‍िए एक महीने का समय दिया गया है। ऐसे ज‍ितने भी अपील होंगे, क्‍लेम होंगे, सबको दुबारा वेरिफाई क‍िया जाएगा और इसे एक महीने में कर ल‍िया जाएगा। यानी क्‍लेम‍ करने के ल‍िए वोटरों को एक महीने का समय और फ‍िर एक महीना कर्मचार‍ियों को द‍िया जाएगा दुबारा व‍ेर‍िफाई करने के ल‍िए। इसके बाद वोटरों की फाइनल ल‍िस्‍ट जारी कर दी जाएगी। यानी हर राज्‍य में तीन महीना और एक हफ्ता लग जाएगा।

क‍िस राज्‍य में कब SIR, कब आएगी नई वोटर ल‍िस्‍ट ?

19 राज्‍यों और केंद्र शास‍ित प्रदेशों में 37.74 करोड़ वोटरों की गहन जांच और सत्‍यापन का काम द‍िसंबर में जाकर खत्‍म होगा। इन सभी राज्‍यों में एकसाथ SIR नहीं होगा, ग्रुप में होगा। 30 मई से ओडिशा और उत्‍तर पूर्व के तीन राज्‍यों स‍िक्किम, मण‍िपुर, म‍िजोरम में SIR शुरू हो चुका है और वहां 6 सितंबर को फाइनल ल‍िस्‍ट आ जाएगी। उत्‍तराखंड में 8 जून को SIR शुरू होगा, 15 स‍ितंबर को फाइनल वोटर ल‍िस्‍ट आएगी। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हर‍ियाणा और चंडीगढ़ में 15 जून से शुरू होगा, फाइनल ल‍िस्‍ट आएगी 22 स‍ितंबर को। 25 जून से पंजाब और तंलंगाना में होगा, ल‍िस्‍ट आएगी 1 अक्‍टूबर को। द‍िल्‍ली, महाराष्‍ट्र, कर्नाटक, झारखंड और मेघालय में 30 जून से SIR होगा, 7 अक्‍टूबर को फाइनल वोटर ल‍िस्‍ट आ जाएगी। नागालैंड में 16 अगस्‍त से, त्रिपुरा में 15 स‍ितंबर से SIR होगा। ल‍िस्‍ट आएगी 22 नवंबर और 23 द‍िसंबर को।

SIR क्‍या होता है, क्‍यों जरूरी है?

सभी लोगों का नाम वोटर ल‍िस्‍ट में होना चाह‍िए और कोई भी छूटना नहीं चाह‍िए। बशर्ते वह सही हो। बस यहीं शुरू हो जाती है स्‍क्रूटनी की ड्यूटी। पात्रता है क‍ि आप वोटर हों। क्‍या सभी लोग वोटर हैं? नहीं। भारत के नागर‍िक हों और कम से कम 18 साल के हों। 18 साल के होते ही आप खुद अप्‍लाई कर वोटर कार्ड बनवा सकते हैं। बस नागर‍िकता प्रूफ करने वाले मान्‍य कागज जमा करने होते हैं। फि‍र अलग से इतने बड़े स्‍तर पर अभियान क्‍यों? आप जहां के वोटर होते हैं उसी लोकेशन पर हमेशा नहीं रहते। आप जब दूसरी जगह श‍िफ्ट हो जाते हैं तो वहां के वोटर बन जाते हैं, वहां के वोटर ल‍िस्‍ट में आपका नाम जुड़ जाता है। पर कानून और न‍ियम होने के बावजूद अक्‍सर होता है क‍ि पुराने ल‍िस्‍ट में भी आपका नाम पड़ा रह जाए। बच्‍चे बड़े होते हैं, वोटर बनते हैं, और वोटर ल‍िस्‍ट में नए नाम जुड़ते चले जाते हैं।

पर बुजुर्ग वोटर जब गुजर जाते हैं, या जो लोग असमय चले जाते हैं, उनका नाम भी वोटर ल‍िस्‍ट में पड़ा रह जाता है। ये तो हुए वाज‍िब और व्‍यावहार‍िक कारण। कई लोग जानबूझकर अलग-अलग जगहों के लिए वोटर कार्ड बनवा लेते हैं। क‍िसी पार्टी, नेता को वोट देकर ज‍िताने के चक्‍कर में या आइडेंटिटी कार्ड के ल‍िए। अलग-अलग आइडेंटिटी से सरकारी योजनाओं का ज्‍यादा फायदा लेने के लिए भी ऐसा क‍िया जाता है। एक और बड़ा मामला है, नागर‍िक नहीं हो और वोटर कार्ड बनवा ल‍िया हो। अभी सबसे बड़ा व‍िवाद का प्‍वाइंट यही है। एक से ज्‍यादा वोटर कार्ड और ब‍िना नागर‍िकता के वोटर कार्ड, दोनों कानूनन जुर्म हैं और ये डुप्लिकेट कार्ड की कैटेगरी मे आते हैं। ऐसा भी होता है क‍ि आपने वोटर कार्ड तो बनवा ल‍िया, पर क‍िसी कारण से उस क्षेत्र के वोटर ल‍िस्‍ट में आपका नाम नहीं जुड़ा हो। इस तरह चार कैटेगरी- ऐबसेंट, श‍िफ्टेड, डेड और डुप्लिकेट के डेटा को अपडेट करना जरूरी हो जाता है और इसी एक्‍सरसाइज को SIR कहते हैं, स्‍पेशल इंटेंसिव र‍िवीजन।

सुप्रीम कोर्ट ने क्‍यों कहा क‍ि SIR सही है?

संव‍िधान और चुनाव से जुड़े कानून चुनाव आयोग को SIR कराने का अध‍िकार देते हैं। क‍िसी क्षेत्र में वोटरोंं का बदलना बहुत सामान्‍य है और यह चुनाव आयोग की ड्यूटी है क‍ि सही वोटरों की पहचान सुन‍िश्‍च‍ित करे। इसके ल‍िए SIR की जो प्रक्र‍िया आयोग ने अपनाई, उस पर भी सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगा दी है। चुनाव आयोग ने SIR को जरूरी बताते हुए कहा था क‍ि पिछले 20 वर्षों में तेजी से हुए शहरीकरण और पलायन के कारण वोटर ल‍िस्‍ट में बड़े पैमाने पर नाम जोड़े गए, हटाए गए। एक वोटर का नाम एक से ज्‍यादा ल‍िस्‍ट में आने, दो वोटर कार्ड होने जैसी गड़बड़‍ियां बढ़ गई थी।

हालांक‍ि अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है क‍ि वोटर ल‍िस्‍ट से नाम कटने या नाम नहीं जुड़ने का यह मतलब नहीं क‍ि वह नागर‍िक नहीं है। चुनाव आयोग क‍िसी को नागर‍िक होने या न होने का सर्टिफ‍िकेट नहीं देता। SIR का इंपैक्‍ट स‍िर्फ वोटर ल‍िस्‍ट तक ही रहेगा। ज‍िनका नाम ल‍िस्‍ट से बाहर हुआ है, उसे आयोग अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दे और सही साबित होने पर उसे दोबारा शाम‍िल करना सुन‍िश्चित करे। बिहार में हुए SIR के ख‍िलाफ दायर केस में सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। इससे मौजूदा SIR की प्रक्रि‍या और चुनाव आयोग को बल म‍िला है।

जहां SIR, वहां कब हैं चुनाव?

2027 में 7 राज्‍यों में व‍िधानसभा चुनाव होंगे। पंजाब, उत्‍तराखंड, गोवा, मण‍िपुर में मार्च से पहले चुनाव होंगे, मई से पहले उत्‍तर प्रदेश में और द‍िसंबर से पहले गुजरात और ह‍िमाचल प्रदेश में। उत्‍तर प्रदेश में SIR हो चुका है, फाइनल वोटर ल‍िस्‍ट अप्रैल में आ चुकी है। पंजाब, उत्‍तराखंड, मण‍िपुर में इसी फेज में SIR है। ह‍िमाचल प्रदेश में SIR बाकी है और अभी वाले शेड्यूल में नहीं है। वहां फरवरी 2027 में जनगणना पूरी होने के बाद SIR कराने की बात चुनाव आयोग ने कही है। तय है क‍ि द‍िसंबर 2027 के चुनाव से पहले SIR हो जाएगा। गुजरात और गोवा में SIR फरवरी 2026 में पूरा हो चुका है। इन राज्‍यों के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी फेज 2 में SIR हो चुका है। यहां अगला व‍िधानसभा चुनाव 2028 में होंगे। अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप, पुडुचेरी में भी SIR पूरा हो गया है। फेज 2 में 9 राज्‍यों और 3 केंद्र प्रदेशों में 51 करोड़ लोगों का वेरिफ‍िकेशन हुआ।

कर्नाटक, तेलंगाना और नॉर्थ ईस्‍ट के त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड, म‍िजोरम में 2028 मेंं व‍िधानसभा चुनाव होंगे। ओडिशा, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हर‍ियाणा, झारखंड में अगला व‍िधानसभा चुनाव 2029 में होंगे।

चुनावों से पहले कहां-कहां SIR

पश्‍च‍िम बंगाल, तम‍िलनाडु, केरल और असम में फरवरी में वोटरों की नई ल‍िस्‍ट जारी की गई, मार्च में व‍िधानसभा चुनावों की घोषणा से महीनाभर पहले। हालांक‍ि नवंबर में इन राज्‍यों में SIR का काम शुरू हो चुका था। असम में SR (स्‍पेशल र‍िवीजन) क‍िया गया। ज‍िनका नाम फाइनल वोटर ल‍िस्‍ट में आया, उन्‍होंने ही मतदान क‍िए। ब‍िहार में अक्‍टूबर-नवंबर में चुनाव होना तय था और जुलाई में SIR कराया गया, स‍िर्फ दो-तीन महीना रहते। 30 स‍ितंबर को फाइनल वोटर ल‍िस्‍ट जारी की गई थी और 6 अक्‍टूबर को चुनाव की घोषणा कर दी गई थी।

असम में इंटेंस‍िव र‍िवीजन की जगह स्‍पेशल र‍िवीजन क्‍यों?

चुनाव आयोग ने असम में वोटर ल‍िस्‍ट को अपडेट करने के ल‍िए पूर्ण SIR के बजाय स्‍पेशल र‍िवीजन किया। आयोग का तर्क था क‍ि असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की प्रक्रिया चल रही है और इससे जुड़े कई कानूनी पहलू विचाराधीन हैं, ऐसे में SIR के तहत गहन जांच की जाती, तो मतदाता सूची के डेटा और पहले से तैयार NRC डेटा के बीच तकनीकी और कानूनी टकराव पैदा हो सकता था। नागरिकता को लेकर कोई नया विवाद या सामाजिक असंतोष खड़ा न हो, इसल‍िए इंटेंसिव रिवीजन से बचा गया।

SIR के बाद हुए चुनावों में कौन जीता?

जहां भी BJP मुकाबले में थी, सभी राज्‍यों में बंड़े अंतर से जीती। मगर वोट शेयर के मामले में वेस्‍ट बंगाल को छोड़ दें तो उसे कहीं भी बड़ा फायदा नहीं द‍िखा। ब‍िहार में BJP का वोट शेयर नहीं बढ़ा। NDA को जरूर प‍िछले चुनाव से 9% ज्‍यादा वोट शेयर म‍िले, मगर इसमें LJP का 5% था और JDU को 4% ज्‍यादा वोट म‍िले थे। प‍िछले चुनाव में च‍िराग पासवान की पार्टी NDA का ह‍िस्‍सा नहीं थी। असम में BJP के वोट शेयर स‍िर्फ 1.3% बढ़े। लोकसभा के मुकाबले तो 1% कम ही म‍िले। केरल और तम‍िलनाडु मेंं BJP को प‍िछले व‍िधानसभा चुनावों ज‍ितने ही वोट शेयर म‍िले। पर सीटों में फर्क दिखा है। तम‍िलनाडु में उसकी 4 सीटें थीं, इस बार स‍िर्फ 1 जीती। केरल में जरूर 3 सीटें म‍िली। मगर 2024 लोकसभा चुनाव के मुकाबले BJP को वोट शेयर में दक्षिण के इन दोनोंं राज्‍यों में झटका लगा है। तमिलनाडु में 8.3% और केरल में 5.3% वोट शेयर ग‍िर गए।

राज्यों के नीचे लिखे गए आंकड़े वहां के मतदाताओं की संख्या है। (12 मई 2026 की मौजूदा सूची के अनुसार)राज्यों के नीचे लिखे गए आंकड़े वहां के मतदाताओं की संख्या है। (12 मई 2026 की मौजूदा सूची के अनुसार)राज्यों के नीचे लिखे गए आंकड़े वहां के मतदाताओं की संख्या है। (12 मई 2026 की मौजूदा सूची के अनुसार)राज्यों के नीचे लिखे गए आंकड़े वहां के मतदाताओं की संख्या है। (12 मई 2026 की मौजूदा सूची के अनुसार)राज्यों के नीचे लिखे गए आंकड़े वहां के मतदाताओं की संख्या है। (12 मई 2026 की मौजूदा सूची के अनुसार)राज्यों के नीचे लिखे गए आंकड़े वहां के मतदाताओं की संख्या है। (12 मई 2026 की मौजूदा सूची के अनुसार)राज्य के नीचे लिखे गए आंकड़े वहां के मतदाताओं की संख्या है। (12 मई 2026 की मौजूदा सूची के अनुसार)राज्यों के नीचे लिखे गए आंकड़े वहां के मतदाताओं की संख्या है। (12 मई 2026 की मौजूदा सूची के अनुसार)

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Pratima Sharma

लेखक के बारे में

Pratima Sharma

प्रतिमा शर्मा
हिंदी समाचार पत्र हिन्दुस्तान के डिजिटल प्लेटफॉर्म्‍स ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (न्यूज वेबसाइट, ऐप, सोशल मीडिया) की संपादक हैं। वे मार्च 2026 से इस पद की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अप्रैल 2019 से फरवरी 2026 तक नेटवर्क 18 ग्रुप की बिजनेस न्‍यूज वेबसाइट मनीकंट्रोल ह‍िंदी की संपादक थीं। उन्‍हें पत्रकार‍िता में 20 वर्षों से ज्‍यादा का अनुभव है। इस दौरान उनकी ग्राउंड र‍िपोर्टिंग, न्‍यूज आर्टिकल, फीचर और र‍िपोर्ताज अखबारों में छपे, न्‍यूज वेबसाइट और न्‍यूज ऐप पर प्रकाश‍ित हुए।

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जटिल और नए व‍िषयों को आसान शब्‍दों में, बोलचाल की भाषा में समझाना, उसका व‍िश्‍लेषण करना, सभी पहलुओं को कवर करना, अलग-अलग दृष्टिकोणों से उसकी व्‍याख्‍या करना। अगर डेटा ड्रिवेन स्‍टोरी है तो उसे एनालाइज़ कर पाठकों को आसान और इंटेरेस्टिंग तरीके से समझाने के ल‍िए ग्राफ़, चार्ट, टेबल, इंफोग्राफ‍िक्‍स, ल‍िस्टिकल, चार्टिकल में प्रस्‍तुत करना।

अनुभव:
2005 से 2008 के बीच अमर उजाला में रहते हुए संपादन और रिपोर्टिंग की। अक्‍टूबर 2005 में बिहार में हुए दुबारा व‍िधानसभा चुनाव को कवर क‍िया। अप्रैल 2007 में उत्‍तर प्रदेश व‍िधानसभा चुनाव कवर क‍िया। देश, दुन‍िया और राज्‍यों के न्‍यूज डेस्‍क पर समाचार लेखन और संपादन क‍िया।

2008 से 2016 के बीच इकनॉम‍िक टाइम्‍स में रहते हुए र‍िपोर्टिंग की, डेस्‍क पर संपादन संभाला। बजट, स्‍टॉक मार्केट, कॉरपोरेट सेक्‍टर, रेगुलेटर्स, र‍िजर्व बैंक कवर क‍िया। 2010 और 2015 का ब‍िहार चुनाव, फरवरी 2012 का उत्‍तर प्रदेश व‍िधानसभा चुनाव, द‍िसंबर 2012 का गुजरात चुनाव और 2014 का लोकसभा चुनाव कवर क‍िया।

2016 से 2019 के बीच नेटवर्क 18 ग्रुप के फर्स्‍टपोस्‍ट में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल न्‍यूज कवर क‍िए। फरवरी-मार्च 2017 का यूपी चुनाव, दिसंबर 2017 का गुजरात चुनाव कवर क‍िया।

2019 से 2026 फरवरी: मनीकंट्रोल ह‍िंदी में रहते हुए ब‍िजनेस, नेशनल, इंटरनेशनल न्‍यूज कवर क‍िए। 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर क‍िया। यूपी, ब‍िहार और गुजरात के व‍िधानसभा चुनाव कवर क‍िए।

उपलब्धियां:
मनीकंट्रोल हिंदी की रीडरश‍िप को 1 लाख से 15 म‍िल‍ियन मंथली यून‍िक व‍िज‍िटर्स के शीर्ष पर पहुंचाया।
सोशल मीडिया पर मनीकंट्रोल हिंदी के प्रेजेंस को जीरो से म‍िल‍ियन पर पहुंचाया। इंस्‍टाग्राम पर 1.7 म‍िल‍ियन, फेसबुक पर 1 म‍िल‍ियन से ज्‍यादा फॉलोअर्स जोड़े। यूट्यूब चैनल को 1 मिलियन सब्सक्राइबर्स के माइलस्‍टोन के करीब पहुंचाया।

श‍िक्षा:
2022 में रॉयटर्स डिज‍िटल जर्नल‍िज्‍म कोर्स, 2005 में NEW DELHI YMCA से जर्नल‍िज्‍म में पोस्‍ट ग्रेजुएट डिप्‍लोमा। द‍िल्‍ली यून‍िर्सिटी से 2004 में पोस्‍ट ग्रेजुएशन।

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