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बंगाल में चल रहा SIR, महिला सेक्स वर्कर्स की मांग- हमारे नाम भी वोटर लिस्ट में जोड़ो

बंगाल में चल रहा SIR, महिला सेक्स वर्कर्स की मांग- हमारे नाम भी वोटर लिस्ट में जोड़ो

संक्षेप:

समिति की सचिव बिशाखा लस्कर ने सरकार से सेक्स वर्कर्स के नाम मतदाता सूची में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ज्यादातर सेक्स वर्कर्स अपने परिवारों से संपर्क में नहीं हैं, क्योंकि वे वर्षों पहले घर छोड़ चुकी हैं।

Nov 16, 2025 11:25 am ISTNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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कोलकाता के सोनागाछी में सेक्स वर्कर्स ने SIR के दौरान सरकार से अपने नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने की मांग की है। कई सेक्स वर्कर्स को दस्तावेजों की कमी के कारण बाहर रह जाने का डर है, क्योंकि कुछ का अपने माता-पिता या मूल घरों से कोई संपर्क नहीं है। सेक्स वर्कर्स के लिए काम करने वाले NGO ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखित अपील सौंपी है, जिसमें सोनागाछी के अंदर स्पेशल सत्यापन कैंप लगाने की मांग की गई है। वे मौके पर ही स्पेशल रजिस्ट्रेशन कैंप चलाने की मांग रहे हैं।

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समिति की सचिव बिशाखा लस्कर ने सरकार से सेक्स वर्कर्स के नाम मतदाता सूची में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ज्यादातर सेक्स वर्कर्स अपने परिवारों से संपर्क में नहीं हैं, क्योंकि वे वर्षों पहले घर छोड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा, 'सेक्स वर्कर्स को एसआईआर में समस्या आ रही है क्योंकि हर किसी के पास दस्तावेज नहीं हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि कई ने घर छोड़ दिया है और परिवारों से कोई संबंध नहीं है। हमारी मांग है कि सेक्स वर्कर्स के नाम उनके पास मौजूद दस्तावेजों के आधार पर शामिल किए जाएं, तो अच्छा होगा।'

सेक्स वर्कर्स को क्या आ रही समस्या

बिशाखा लस्कर ने बताया कि सेक्स वर्कर्स को 2002 में वोटर आईडी कार्ड मिले थे। उसके बाद ही वे वोटिंग शुरू कर सकीं। उन्होंने कहा, 'सेक्स वर्कर्स को 2002 में आधिकारिक वोटर आईडी कार्ड मिले थे। उससे पहले उनके पास कोई वोटर आईडी कार्ड नहीं था। हमने 2002 के बाद वोटिंग का अधिकार हासिल करना शुरू किया। ऐसे में हमारा नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं होगा।' लस्कर ने कहा कि अब कई सेक्स वर्कर्स के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड आदि जैसे आधिकारिक दस्तावेज हैं। उन्होंने सरकार से इन दस्तावेजों को मान्यता देने की अपील की है। अब कुछ लोगों के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, पासपोर्ट, बिजली बिल आदि जैसे दस्तावेज हैं। हम सरकार से अपील करते हैं कि SIR में इन दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम जोड़े जाएं, इससे समुदाय को फायदा होगा।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
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