
दिवाली के पहले इस राज्य सरकार ने याद दिलाया 11 साल पुराना बैन, पटाखों से बचने की सलाह
दिवाली के ठीक पहले सिक्किम के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 11 साल पुराने प्रतिबंध को याद दिलाते हुए जनता से पटाखे न चलाने की सलाह दी है। जारी बयान में कहा गया कि इस त्योहार को पटाखों की जगह रोशनी से मनाएं।
दिवाली के मौके पर पटाखे जलाएं या न जलाएं? इस सवाल को लेकर हर वर्ष बहस होती ही है। कुछ लोग पटाखों पर बैन लगाने की बात करते हैं, तो कई जगह यह खुलेआम बेचे और चलाए जाते हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी इस साल दिवाली पर ग्रीन पटाखे जलाए जाएंगे। इन सब बातों के बीच सिक्किम के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शनिवार को राज्य की जनता को 11 साल पुराना प्रतिबंध याद दिलाते हुए दिवाली पर पटाखे न फोड़ने का आग्रह किया।

एसपीसीबी ने लोगों से राज्य को स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त रखने का आग्रह किया। इसके अलावा उन्होंने त्योहारों के दौरान कचरा फैलने से रोकने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक की वस्तुओं का भी उपयोग न करने का आग्रह किया।
एसपीसीबी ने एक बयान जारी कर कहा, "हम सभी राज्य वासियों को पटाखों की जगह रोशनी से इस त्योहार को मनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं,ताकि यह पर्यावरण के अनुकूल रहे। आइए इस त्योहारी मौसम में अपने समुदाय और पर्यावरण की भलाई को प्राथमिकता दें।"
एसपीसीबी ने कहा कि राज्य सरकार ने 11 साल पहले ही सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री और उन्हें जलाए जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। बयान में कहा गया, "हमें यह याद रखना होगा कि पटाखे फोड़ने से हानिकारक प्रदूषक निकलते हैं। इनकी वजह से कई स्वास्थ्य जोखिम पैदा होते हैं, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं वाले लोगों के लिए यह बहुत ज्यादा कष्टकारी हो जाता है। इन पटाखों की वजह से होने वाला ध्वनि प्रदूषण भी जनता के पूरे स्वास्थ्य के ऊपर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।





