
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार पाकिस्तान पहुंचे सिख श्रद्धालु, फूल बरसाकर किया गया स्वागत
ऑपरेशन सिंदू केबाद पहली बार सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान पहुंचा है। श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के मौके पर श्रद्धालु पाकिस्तान के गुरुद्वारों के दर्शन करेंगे।
अप्रैल में पहलगाम हमले के बाद पहली बार सिख श्रद्धालुओं के जत्थे ने पाकिस्तान में कदम रखा है। सिख श्री गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व के मौके पर पाकिस्तानी अधिकारियों ने फूलों की बौछार करके अटारी-वाघा बॉर्डर पर स्वागत किया। बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अब भी कम नहीं हुआ है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने बौखलाहट में गोलीबारी शुरू कर दी थी। दो दिन में ही वह घुटनों पर आ गया और फिर युद्धविराम के लिए गिड़गिड़ाने लगा।

यह जत्था गुरुद्वारा ननकाना साहिब, पंजा साहिब, डेरा साहिब और करतारपुर साहिब समेत कई पवित्र स्थलों के दर्शन करेगा और 13 नवंबर को भारत लौटेगा। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज भी जत्थे के साथ रवाना हुए।
इस अवसर पर जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि पहले केंद्र सरकार द्वारा जत्थे को पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन वाहे गुरु जी के आगे अरदास करने का प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के दिलों पर असर हुआ और उन्होंने जत्थे को अनुमति दे दी, जिसकी सिख समुदाय प्रशंसा करता है। उन्होंने कहा कि करतारपुर गलियारा खोलने के लिए वह पाकिस्तान में गुरुद्वारा ननकाना साहिब में अरदास करेंगे ताकि गलियारा जल्दी खोल दिया जाये। उन्होंने आशा व्यक्त की कि श्रद्धालुओं के जत्थे के वापस आने के बाद गलियारा खोल दिया जाएगा।
केंद्र सरकार ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए 12 सितंबर, 2025 को इस यात्रा पर रोक लगा दी थी, लेकिन बाद में इस फैसले को पलट दिया। गृह मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के परामर्श से अंतिम मंज़ूरी दे दी, जिससे जत्थे को ननकाना साहिब जैसे प्रमुख गुरुद्वारों की यात्रा करने की अनुमति मिल गयी। लगभग 1800 पासपोर्टों में से 1794 श्रद्धालुओं को पाकिस्तान सरकार की ओर से वीजा जारी किया गया है।





