ममता बनर्जी की पार्टी पर संकट के आसार, 18 दिग्गज नाराज, 20 सांसद छोड़ सकते हैं TMC
कुछ दिनों में 100 से ज्यादा पार्षद इस्तीफा दे चुके हैं। खास बात है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहे हैं, जब निकाय चुनाव में कुछ ही समय बाकी है। इतना ही नहीं पार्षद अब खुलकर टीएमसी नेतृत्व और सांसद अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर मॉडल पर सवाल उठा रहे हैं।

ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ही बरकरार हैं। कहा जा रहा है कि एक दर्जन से ज्यादा विधायक खुलकर पार्टी की नीतियों की आलोचना कर चुके हैं। वहीं, अटकलें ये भी हैं कि करीब 15 सांसद जल्द ही टीएमसी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। इसके अलावा पार्टी नंदीग्राम में होने वाले उप चुनाव को लेकर उम्मीदवार खोजने में भी परेशानी का सामना करती नजर आ रही है।
विधायक हो रहे हैं नाराज
टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम 18 बड़े नेता ऐसे हैं, जो खुलकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। इनमें सुखेंदु शेख रॉय, सांसद काकोली घोष दस्तीदार, देव अधिकारी, कल्याण बनर्जी, रचना बनर्जी, विधायक कुणाल घोष, रिताब्रता बनर्जी, अरुणव सेन, संदीपन साहा, नियामत शेख, पूर्व मंत्री कृष्णेंदु नारायण चौधरी, मनोज तिवारी, रविंद्रनाथ घोष, पूर्व विधायक अतीन घोष, खगेश्वर रॉय, सौरव चक्रवर्ती, रत्ना चटर्जी, तपन चटर्जी का नाम शामिल है।
20 सांसद बदल सकते हैं पाला
संघवाद प्रतिदिन की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने कहा है कि 12 टीएमसी सांसदों ने भाजपा में शामिल होने या समर्थन देने की तैयारी कर ली है। इसके अलावा दल बदलने की तैयारी कर रहे सांसदों की लिस्ट में 5 से 6 नाम और हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि ये सांसद कौन होंगे और कब तक दल बदल की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 12 से ज्यादा सांसदों से चर्चा चल रही है और आंकड़ा 20 तक पहुंच सकता है।
100 से ज्यादा पार्षद दे चुके इस्तीफा
खबर है कि बीते कुछ दिनों में 100 से ज्यादा पार्षद इस्तीफा दे चुके हैं। खास बात है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहे हैं, जब निकाय चुनाव में कुछ ही समय बाकी है। इतना ही नहीं पार्षद अब खुलकर टीएमसी नेतृत्व और सांसद अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर मॉडल पर सवाल उठा रहे हैं। ममता बनर्जी ने पार्षदों से एकजुट रहने की अपील की है।
नंदीग्राम में उम्मीदवार नहीं मिल रहा
ममता बनर्जी के सामने एक और बड़ी चुनौती नंदीग्राम से खड़ी होती दिख रही है। कहा जा रहा है कि टीएमसी को इस सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहा है। कई बड़े नेता यहां से चुनाव लड़ने से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। इस सीट पर उन्हें साल 2021 में शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। 2026 में भी अधिकारी ने यहां से जीत दर्ज की, लेकिन भवानीपुर सीट से विधायक रहते हुए नंदीग्राम को छोड़ने का फैसला किया था।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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