करीबी की शिवकुमार से मुलाकात और खरगे के बयान पर सिद्धारमैया बोले- फैसला राहुल ही लेंगे
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की ओर से जो भी फैसला लिया जाएगा, उसे हम स्वीकार करेंगे। सिद्धारमैया ने कहा, 'मैं नेतृत्व परिवर्तन जैसी चीजों के बारे में कुछ नहीं जानता। राहुल गांधी और हाईकमान को ही फैसला लेना है। वह जो भी निर्णय लेंगे। हम उससे बंधे हुए हैं।'

कर्नाटक में सत्ता के लिए छिड़ा संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले नवंबर क्रांति की बात कही जा रही थी, लेकिन अब मकर संक्रांति के बाद बदलाव की चर्चाएं तेज हैं। इस बीच पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कह दिया कि कोई एक व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं है। अब इस पर सिद्धारमैया का भी बयान आया है। उनका कहना है कि नेतृत्व को लेकर तो कोई भी फैसला राहुल गांधी ही लेंगे। वही कोई फैसला लेने का अधिकार रखते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की ओर से जो भी फैसला लिया जाएगा, उसे हम स्वीकार करेंगे। सिद्धारमैया ने कहा, 'मैं नेतृत्व परिवर्तन जैसी चीजों के बारे में कुछ नहीं जानता। राहुल गांधी और हाईकमान को ही फैसला लेना है। वह जो भी निर्णय लेंगे। हम उससे बंधे हुए हैं।'
इसके अलावा उन्होंने बार-बार नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सवाल पूछे जाने पर भी ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, 'आखिर मसले पर इतने सवालों की क्या जररूत है? मैंने अपनी बात कह दी है, फिर इस पर चर्चा क्यों।' इससे पहले उन्होंने कहा था कि मैं सीएम बना रहूंगा और कांग्रेस हाई कमान मेरे पक्ष में है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई फैसला ही नहीं हुआ है, जिसमें यह कहा जाए कि मेरा कार्यकाल कम हो जाएगा। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि संक्रांति के बाद कोई बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि सब कुछ समाप्त हो गया है। मैं इस बात को लगातार कह रहा हूं। अंत में निर्णय तो हाईकमान को ही लेना है। हर कोई हाईकमान के फैसले से बंधा है।
खरगे के बयान पर सिद्धारमैया ने क्या तंज कसा
इसके बाद उन्होंने पार्टी चीफ खरगे के बयान को लेकर भी बात की, जिसमें उनका कहना था कि कोई व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं है। इस पर सिद्धारमैया ने कहा कि यह बात सही है कि कोई भी पार्टी से बड़ा नहीं है। हम सभी इसे स्वीकार करते हैं। यह तो असंभव है कि कोई व्यक्ति पार्टी से ही बड़ा हो जाए। इसके अलावा अपने एक करीबी विधायक के.एन राजन्ना की डीके शिवकुमार से मुलाकात पर भी चीफ मिनिस्टर ने बात की। उन्होंने कहा कि आप उन्हें मिलने दीजिए। शिवकुमार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। आखिर इसमें परेशानी क्या है।
शिवकुमार के दावे पर भी सिद्धारमैया ने कसा तंज
शिवकुमार के उस दावे पर भी सिद्धारमैया ने बात की, जिसमें उन्होंने कहा था कि मैंने ही राजन्ना को जिला सहकारी बैंक का चेयरमैन बनाया था। तब एसएम कृष्णा की सरकार थी। इस पर सिद्धारमैया ने कहा कि क्रेडिट लेना महत्वपूर्ण नहीं है, लेकिन जरूरी चीज है कि नियुक्तियां सरकार की ओर से की जाती हैं।

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