Hindi NewsIndia NewsSiddaramaiah accuses Centre neglecting Kannada while imposing Hindi language
अंग्रेजी और हिंदी से बच्चों की प्रतिभा कमजोर हो रही, सिद्धारमैया ने दिए ये तर्क

अंग्रेजी और हिंदी से बच्चों की प्रतिभा कमजोर हो रही, सिद्धारमैया ने दिए ये तर्क

संक्षेप:

सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि हिंदी और संस्कृत के प्रचार के लिए उदार अनुदान दिए जा रहे हैं, जबकि अन्य भारतीय भाषाओं (जिसमें कन्नड़ शामिल है) को हाशिए पर धकेला जा रहा है। हिंदी थोपने का लगातार प्रयास हो रहा है।

Sat, 1 Nov 2025 04:54 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कन्नड़ भाषा की उपेक्षा की जा रही है और हिंदी को थोपा जा रहा है। सीएम ने चेतावनी दी कि अंग्रेजी और हिंदी पर अत्यधिक निर्भरता राज्य के बच्चों की प्रतिभा को नष्ट कर रही है। उनका यह बयान तीन-भाषा नीति को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है। बेंगलुरु में एक समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'संघीय ढांचे को कमजोर किया जा रहा है, क्योंकि कर्नाटक को राष्ट्रीय खजाने में अहम योगदान देने के बावजूद उसका उचित हिस्सा नहीं मिल रहा।'

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सिद्धारमैया ने कहा, 'संघीय सरकार कर्नाटक के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। हम केंद्र को 4.5 लाख करोड़ रुपये का राजस्व देते हैं, लेकिन बदले में केवल मामूली राशि मिलती है।' उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदी और संस्कृत के प्रचार के लिए उदार अनुदान दिए जा रहे हैं, जबकि अन्य भारतीय भाषाओं (जिसमें कन्नड़ शामिल है) को हाशिए पर धकेला जा रहा है। हिंदी थोपने का लगातार प्रयास हो रहा है। उन्होंने इसे शास्त्रीय भाषा कन्नड़ के साथ अन्याय बताया।

कन्नड़-विरोधी ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की अपील

सीएम सिद्धारमैया ने कन्नड़-विरोधी ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। साथ ही, राज्य की भाषा और संस्कृति के लिए अधिक सम्मान व धनराशि की मांग की। उन्होंने कहा, 'कन्नड़ के विकास के लिए पर्याप्त धन न देकर उसके साथ अन्याय किया जा रहा है। हमें सभी कन्नड़-विरोधियों का विरोध करना होगा।' मुख्यमंत्री ने शिक्षा प्रणाली में अंग्रेजी और हिंदी के बढ़ते प्रभुत्व पर भी चिंता जताई। उनका तर्क था कि इससे बच्चों की रचनात्मकता और अपनी जड़ों से जुड़ाव कमजोर हो रहा है। सीएम ने कहा, 'विकसित देशों के बच्चे अपनी मातृभाषा में सोचते, सीखते और सपने देखते हैं, लेकिन यहां स्थिति उलट है। अंग्रेजी और हिंदी से हमारे बच्चों की प्रतिभा कमजोर हो रही है।'

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
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