
ONGC के प्लांट में गैस लीक और आग से अफरातफरी, बड़े पैमाने पर इलाके से हटाए गए लोग
आंध्र प्रदेश में ओएनजीसी के एक कुएं में गैस लीक के बाद जबर्दस्त धमाका हुआ है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो आया है, जिसमें कुएं से गैस की आग की लपटें उठती नजर आ रही है। आग और तेज धमाके से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
आंध्र प्रदेश में ओएनजीसी के एक कुएं में गैस लीक के बाद जबर्दस्त धमाका हुआ है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो आया है, जिसमें कुएं से गैस की आग की लपटें उठती नजर आ रही है। आग और तेज धमाके से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि घटना में किसी के मरने या घायल होने की बात सामने नहीं आई है। यह हादसा डॉ बीआर अम्बेडकर कोनासिमा जिला स्थित दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा संचालित एक कुएं में हुआ है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गैस रिसाव और आग लगने के बाद, राजाहमुंद्री से ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी मोरी गांव पहुंच गए। यहां पर मोरी-5 कुएं में आग लगी थी।
इस धमाके के बाद ओएनजीसी की पाइपलाइन प्रभावित होने की आशंका जताई गई। इसके बाद वहां पर गैस रिसाव का डर फैल गया। आग इतनी ज्यादा खतरनाक थी कि पूरा इलाका काले धुएं और लपटों से भर गया। प्रशासन एहतियात के तौर पर आसपास के इलाके को खाली कराने में जुट गया। वहीं, बिजली सप्लाई भी फिलहाल बंद कर दी गई ताकि और ज्यादा नुकसान न होने पाए। इसके अलावा रसोई गैस चूल्हों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।
घटना के जो विजुअल्स सामने आए हैं, वह काफी डरावने हैं। वीडियो में कर्मचारी वहां से जान बचाने के लिए भागते नजर आ रहे हैं।
बता दें कि ओएनजीसी की कृष्णा गोदावरी डेल्टा बेसिन, पूर्व गोदावरी जिला और आंध्र प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति है। यह राजाहमुंद्री ऑनशोर एसेट और ईस्टर्न ऑफशोर एसेट के माध्यम से कार्य करता है। बंगाल की खाड़ी में कई ऑफशोर रिग्स और पूर्व गोदावरी के ऑनशोर क्षेत्रों से प्राकृतिक गैस, कच्चा तेल और संबंधित हाइड्रोकार्बन का उत्पादन करता है।
ऑफशोर प्लेटफार्मों से हाइड्रोकार्बन को समर्पित सब-सी और ऑनशोर पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से ऑनशोर प्रसंस्करण सुविधाओं, जैसे पुदुचेरी के यानम जिले और आंध्र प्रदेश के मल्लावारम, तक पहुंचाया जाता है, वहीं फील्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर झतीपाका जैसे क्षेत्रों में भी फैला हुआ है। प्रॉसेसिंग के बाद, गैस को राष्ट्रीय ट्रांसमिशन नेटवर्क को आपूर्ति की जाती है, जबकि कच्चे तेल को आगे की संभाल और शोधन के लिए अन्य स्थानों पर भेजा जाता है।





