अयोध्या मामले की शिवसेना केस से तुलना क्यों, उद्धव गुट के सांसद ने सुप्रीम कोर्ट पर उठाए सवाल

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी की घटना की तुलना शिवसेना-यूबीटी सांसदों के केस से की है। उनकी यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी के बाद आई है, जिसमें स्वतंत्र जांच की याचिकाओं पर सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी है।

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शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी की घटना की तुलना शिवसेना-यूबीटी सांसदों के केस से की है। उनकी यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी के बाद आई है, जिसमें स्वतंत्र जांच की याचिकाओं पर सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी है। अरविंद सावंत ने कहाकि अगर सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कहा है तो इसका स्वागत है, लेकिन याद रखिए सुप्रीम कोर्ट शिवसेना सांसदों के मामले में चार साल ले लिए। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहाकि सुप्रीम कोर्ट को यह सवाल भी पूछना चाहिए कि क्या चंदा चोरी केस में एफआईआर दर्ज हुई है?

अरविंद सावंत ने क्या कहा
शिवसेना सांसद ने सवाल उठाते हुए कहाकि क्या चंदा चोरी केस में बिना एफआईआर दर्ज किए ही एसआईटी जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहाकि शिवसेना सांसदों के मामले में तो सुप्रीम कोर्ट को तय करने में चार साल लग गए। सुप्रीम कोर्ट को नहीं लगता कि इससे संविधान प्रभावित हुआ है? शिवसेना सांसद चले गए, केस चलता रहा और समय बीत गया। सरकार ने भी ढाई साल का समय पूरा किया और उनका कार्यकाल भी खत्म हो गया।

कब होनी है सु्प्रीम कोर्ट में सुनवाई
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के अनुरोध वाली याचिकाओं पर 13 जुलाई को सुनवाई करेगा। सात जुलाई को अयोध्या की एक अदालत ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों में से तीन को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने की अनुमति दी थी। अदालत ने अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय की पुलिस रिमांड मंजूर की थी। इससे पहले 29 जून को स्थानीय अदालत ने सभी आठ आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

बेंच में कौन-कौन शामिल
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच सोमवार को अदालत की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर इस मामले से जुड़ी तीन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। तीन याचिकाकर्ताओं में से एक नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने घटना की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने राम मंदिर का प्रबंधन करने वाले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से ऑडिट कराने का भी अनुरोध किया है। दूसरी याचिका अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने दायर की है, जिसमें इसी तरह के अनुरोध किए गए हैं।

याचिकाओं में कहा गया है
वहीं, तीसरी याचिका राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने दायर की है। इसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच के साथ-साथ ट्रस्ट के पूरे वित्तीय लेन-देन का फॉरेंसिक ऑडिट कराने का अनुरोध किया गया है। इससे पहले जस्टिस बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ ने एक याचिकाकर्ता से मामले को शीघ्र सुनवाई के लिए बाद की किसी तारीख पर सूचीबद्ध कराने का आग्रह करने को कहा था।

अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि सीबीआई के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज, प्रशासन और कथित वित्तीय अनियमितताओं सहित अन्य कथित अनियमितताओं की जांच कराई जानी चाहिए। अजय कुमार राय ने अपनी याचिका में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और ट्रस्ट को आवश्यक नियामक, निगरानी और ऑडिट तंत्र गठित एवं लागू करने के निर्देश देने का भी अनुरोध किया है, ताकि जनहित की रक्षा हो सके और करोड़ों श्रद्धालुओं एवं दानदाताओं का विश्वास कायम रहे।

Deepak Mishra

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Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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