'फोन पर बिजी थी...' डॉक्टर से थप्पड़बाजी के आरोपों पर शिवसेना नेता की सफाई; शिंदे भी बोले

लाइव हिन्दुस्तान, कल्याण-डोंबिवली
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डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों से मारपीट के वीडियो पर शिवसेना नेता रमेश म्हात्रे ने सफाई दी है। उन्होंने महिला डॉक्टर पर हाथ उठाने के आरोप को नकारा और इसे कैमरा एंगल बताया।

'फोन पर बिजी थी...' डॉक्टर से थप्पड़बाजी के आरोपों पर शिवसेना नेता की सफाई; शिंदे भी बोले

कल्याण-डोंबिवली के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के साथ हुई मारपीट के मामले में शिवसेना (शिंदे गुट) के कॉरपोरेटर रमेश म्हात्रे का बयान सामने आया है। म्हात्रे ने महिला डॉक्टर पर हाथ उठाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि सीसीटीवी फुटेज में जो कुछ दिख रहा है, वह सिर्फ 'कैमरा एंगल' की वजह से है। हालांकि, घटना का वीडियो वायरल होने और डॉक्टरों की हड़ताल के बाद पुलिस ने इस मामले में बड़ा एक्शन लिया है। म्हात्रे और उनके समर्थकों पर केस दर्ज कर लिया गया है, जिसमें अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

'मैंने महिला डॉक्टर पर नहीं उठाया हाथ'

इस पूरे विवाद पर रमेश म्हात्रे ने अपनी सफाई पेश करते हुए कई अहम बातें कही हैं। म्हात्रे ने कहा, "अस्पताल में जो भी शारीरिक झड़प हुई, मुझे उसका खेद है। लेकिन मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि मैंने महिला डॉक्टर पर हाथ नहीं उठाया। सीसीटीवी फुटेज में कैमरे के एंगल के कारण ऐसा लग रहा है।"

म्हात्रे ने दावा किया कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब महिला डॉक्टर उनकी शिकायत सुनने के बजाय फोन पर बात करने में व्यस्त थीं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर उनके लिए 'बेटी जैसी' हैं और उन्होंने सिर्फ उनका ध्यान खींचने के लिए हाथ थपथपाया था।

अपनी सफाई में उन्होंने कहा, "हम बालासाहेब ठाकरे की शिक्षाओं पर चलने वाले लोग हैं। हमने कभी महिलाओं पर हाथ नहीं उठाया है और ना ही भविष्य में कभी ऐसा करेंगे।"

म्हात्रे ने इस घटना के लिए अस्पताल की व्यवस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यह घटना अस्पताल के सिस्टम की कमियों के कारण हुई और वे इन कमियों को सुधारने की दिशा में काम करेंगे।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे व लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मराठी में लिखा- "कल्याण-डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है। खुद एक डॉक्टर होने के नाते, मैं जानता हूं कि मरीजों की देखभाल सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा है। डॉक्टर, नर्स और दूसरे हेल्थकेयर वर्कर जनता की सेवा के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, और अक्सर बहुत मुश्किल और तनावपूर्ण हालात में काम करते हैं। इस घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। जो कोई भी कानून को अपने हाथ में लेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले पर पार्टी का रुख भी साफ है। पार्टी इस हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति का बचाव नहीं करेगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त आंतरिक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। एक जन-प्रतिनिधि और डॉक्टर के तौर पर, मैं KDMC अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सों और मेडिकल स्टाफ के साथ मजबूती से खड़ा हूं। हम सभी को उनकी सुरक्षा, सम्मान और बिना किसी डर के अपने कर्तव्य निभाने के उनके अधिकार का सम्मान करना चाहिए।"

क्या है पूरा मामला और पुलिस एक्शन?

डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में एक गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था। नवजात के गले में गर्भनाल फंसी होने की वजह से डॉक्टरों ने उसे एनआईसीयू में रखने की जरूरत बताई। अस्पताल के सभी एनआईसीयू बेड भरे होने के कारण डॉक्टरों ने मरीज को किसी अन्य अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। इसी बात से नाराज होकर परिजनों ने रमेश म्हात्रे को बुला लिया।

आरोप है कि म्हात्रे और उनके समर्थकों ने अस्पताल पहुंचकर डॉ. वैभव सालुंखे और डॉ. सृष्टि बाविस्कर के साथ-साथ बीच-बचाव करने आई नर्सों से बदसलूकी और मारपीट की। घटना का वीडियो वायरल होने और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की ओर से काम बंद करने की चेतावनी दिए जाने के बाद कल्याण पुलिस ने म्हात्रे और 5 अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब तक 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और माना जा रहा है कि जल्द ही शिवसेना नेता पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।

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Amit Kumar

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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