शिंदे गुट का 'ऑपरेशन टाइगर' फेल? 2 सांसदों ने साइन से किया इनकार, उद्धव का शक्ति प्रदर्शन आज
महाराष्ट्र की राजनीति में एकनाथ शिंदे गुट के 'ऑपरेशन टाइगर' पर सस्पेंस बढ़ गया है! उद्धव गुट का दावा है कि बागी बताए जा रहे 6 में से 2 सांसदों ने अलग धड़े के लेटर पर साइन नहीं किए हैं। सियासी लड़ाई की पूरी इनसाइड स्टोरी पढ़ें।
महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के भीतर जारी उठापटक नया मोड़ लेती दिख रही है। एकनाथ शिंदे गुट के 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर अब उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना यूबीटी) ने बड़ा दावा किया है। यूबीटी का कहना है कि अलग गुट के रूप में मान्यता पाने के लिए लोकसभा स्पीकर को जो लेटर भेजा गया है, उस पर बागी बताए जा रहे 6 में से 2 सांसदों ने हस्ताक्षर ही नहीं किए हैं। वहीं, शिंदे गुट के सूत्रों का दावा है कि उनका 'ऑपरेशन टाइगर' पूरा हो चुका है और सिर्फ औपचारिक ऐलान किया जाना बाकी है।
लेटर पर इन 2 सांसदों के साइन नहीं, दोनों ने क्या कहा?
शिवसेना यूबीटी का दावा है कि धाराशिव से सांसद ओमराजे निंबालकर और मुंबई नॉर्थ ईस्ट से सांसद संजय पाटिल ने लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इन दोनों ही नेताओं का कहना है कि वे बुधवार को नई दिल्ली में मौजूद नहीं थे। सूत्रों के मुताबिक, मुंबई से अरविंद सावंत और अनिल देसाई, और नासिक से राजाभाऊ वाजे को छोड़कर बाकी अन्य सांसद अब अलग गुट का हिस्सा बन चुके हैं।
इस पूरे घटनाक्रम पर संजय पाटिल ने कहा कि वह मुंबई में हैं। उन्होंने साफ किया, "मैं इन अटकलों से थक चुका हूं। अगर कुछ होना होगा, तो हो जाएगा। इस पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है। मैं किसी बागी सांसद की लिस्ट का हिस्सा बनने कहीं नहीं जाऊंगा। शिंदे गुट ने मुझे न्यौता नहीं दिया है, तो मैं उनके पास क्यों जाऊं? मैं किसी अन्य सांसद के संपर्क में भी नहीं हूं।" वहीं, ओमराजे निंबालकर का कहना है कि वह 20 जून के बाद अपना रुख स्पष्ट करेंगे।
व्हिप जारी, आज दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
उद्धव गुट ने अपने सांसदों की एकजुटता परखने के लिए गुरुवार को दिल्ली में संसदीय दल की अहम बैठक बुलाई है और इसके लिए बाकायदा 'व्हिप' जारी किया गया है। पार्टी को उम्मीद है कि इस बैठक में 3 से ज्यादा लोकसभा सांसद हिस्सा लेंगे। अगर ऐसा होता है, तो यह शिंदे गुट के लिए बड़ा झटका साबित होगा, क्योंकि तब शिंदे गुट के पास एक अलग गुट बनाकर पार्टी में विलय करने के लिए जरूरी दो-तिहाई (2/3) सांसदों का जादुई आंकड़ा नहीं बच पाएगा।
संजय राउत का आरोप- 50 करोड़ की डील और पिता की हत्या का केस
दिल्ली में अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए संजय राउत ने शिंदे गुट पर खरीद-फरोख्त के गंभीर आरोप लगाए। राउत ने दावा किया कि सांसदों को पाला बदलने के लिए 50-50 करोड़ रुपये का ऑफर दिया जा रहा है, जिसमें से 15 करोड़ रुपये महज "एडवांस" हैं।
राउत ने यह भी आरोप लगाया कि सांसद ओमराजे निंबालकर पर शिंदे गुट में शामिल होने का भारी दबाव है। उन्होंने कहा कि 20 साल पहले (जून 2006 में) ओमराजे के पिता पवनराजे निंबालकर की हत्या कर दी गई थी, जिसका ट्रायल नवी मुंबई में चल रहा है। मुंबई की सीबीआई अदालत इस मामले में 20 जून को अपना फैसला सुनाने वाली है। राउत ने दावा किया, "अगर ओमराजे शिंदे गुट में शामिल हो जाते हैं, तो उन्हें अदालत से राहत मिल जाएगी।"
'अपना सपना मनी मनी' और महुआ मोइत्रा का तंज
संजय राउत ने मंगलवार रात 'एक्स' पर सीएम देवेंद्र फडणवीस को टैग करते हुए लिखा था, "अपना सपना मनी मनी! यह चौंकाने वाला है कि महाराष्ट्र के सांसदों को पाला बदलने के लिए आज रात 15-15 करोड़ रुपये एडवांस ऑफर किए जा रहे हैं।"
राउत की इस पोस्ट पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने चुटकी लेते हुए लिखा, "15 करोड़? इतने सस्ते में क्यों जा रहे हैं? मुझे लगता है कि हमारे वालों को 4 करोड़ एडवांस और अगले 36 महीनों के कार्यकाल तक 1 करोड़ रुपये महीना मिला... हनी प्लस मनी।"
महुआ के इस तंज पर राउत ने जवाब दिया, "नहीं-नहीं महुआ जी, हर सांसद की मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) 50 करोड़ रुपये तय की गई है। 15 करोड़ तो सिर्फ एडवांस है। सच कहूं तो इन लोगों की कीमत 50,000 रुपये भी नहीं है। इनका भाव सिर्फ शिवसेना और टीएमसी के ब्रांड लेबल की वजह से बढ़ा हुआ है।"


