सावधान! मासूम की मौत के बाद दहशत, केरल में तेजी से फैल रही शिगेला बीमारी; जानें लक्षण और बचाव
Shigella Alert: केरल के कोझिकोड जिले में शिगेला बैक्टीरिया संक्रमण से एक चार वर्षीय बच्ची की मौत हो जाने के बाद राज्य सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रख दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी, जांच और एहतियाती उपायों को तेज कर दिया है ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके।

केरल के कोझिकोड जिले में शिगेला बैक्टीरिया संक्रमण से एक चार वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत हो जाने के बाद राज्य सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था में हाई अलर्ट मोड सक्रिय कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी, जांच और एहतियाती उपायों को तेज कर दिया है ताकि संक्रमण को और फैलने से रोका जा सके। केरल के स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन ने सोमवार को इस मामले पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि अलाप्पुझा और अरनमुला क्षेत्रों में अब तक शिगेला संक्रमण के 123 मामले सामने आ चुके हैं। कोझिकोड जिले में भी तीन बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिनमें से एक चार साल की बच्ची की इस बीमारी से मौत हो गई। मंत्री ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तत्काल और सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
मुरलीधरन ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) विभाग को पूरे राज्य में सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि होटल, रेस्तरां, ढाबा और सड़क किनारे के खाद्य स्टॉलों पर तुरंत विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया जाए। जो प्रतिष्ठान स्वच्छता के मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पेयजल की जांच पर जोर
मंत्री ने बताया कि शिगेला संक्रमण मुख्य रूप से दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन से फैलता है। इसलिए राज्य भर में पेयजल स्रोतों, नगरपालिका जल आपूर्ति और निजी टैंकरों की गुणवत्ता जांच को तेज कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार पानी के नमूने एकत्र कर रही हैं और लैब परीक्षण करा रही हैं। मुरलीधरन ने स्पष्ट रूप से कहा कि होटलों और खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए ग्राहकों को उबला हुआ और ठंडा किया हुआ पीने का पानी उपलब्ध कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है। लेकिन कई जगहों पर इस नियम की अनदेखी की जा रही है और साधारण नल का पानी या फिल्टर किया हुआ पानी परोसा जा रहा है। यह बेहद खतरनाक है। दूषित पानी के माध्यम से शिगेला बैक्टीरिया बहुत तेजी से फैल सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने पीने के पानी के उचित क्लोरीनीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग क्लोरीन की गंध और स्वाद की शिकायत करते हैं, लेकिन यह एक आवश्यक जन स्वास्थ्य उपाय है। क्लोरीनीकरण करना ही होगा। अगर हमने इसे सही ढंग से नहीं किया तो बीमारी पूरे राज्य में तेजी से फैल सकती है। मंत्री ने यह भी बताया कि संक्रमण सबसे पहले अलाप्पुझा और अरनमुला इलाकों में शुरू हुआ था, जो अब कोझिकोड तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन सभी क्षेत्रों में सक्रिय हैं और संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग, संपर्क ट्रेसिंग तथा इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
लोगों से क्या अपील
स्वास्थ्य मंत्री मुरलीधरन ने जनता से अपील की है कि वे केवल उबला हुआ या बोतलबंद पानी ही पिएं। हाथों को साबुन से अच्छे से धोएं, खाना बनाने और खाने से पहले स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। अगर बच्चे या परिवार के किसी सदस्य को तेज दस्त या बुखार हो तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में संपर्क करें। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शिगेला संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सरकार पूरी तरह सतर्क है, लेकिन नागरिकों की जागरूकता और सहयोग भी बेहद जरूरी है।
शिगेला संक्रमण क्या है?
शिगेला एक प्रकार का बैक्टीरियल संक्रमण है जो दस्त, तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी और खून वाले दस्त का कारण बनता है। यह खासकर छोटे बच्चों में घातक साबित हो सकता है। संक्रमण मुख्य रूप से फूड-बोर्न और वॉटर-बोर्न होता है। स्वच्छता की कमी, गंदे हाथों से खाना और दूषित पानी इसका प्रमुख कारण है।
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लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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