हिंदुओं की हत्याओं पर भड़क गईं यूनुस की दुश्मन, जमकर सुनाया; भारत से की एक अपील
Bangladesh News: बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के प्रवक्ता के अनुसार, दिसंबर से अब तक हिंदू समुदाय के सात लोगों की हत्या हो चुकी है। हालांकि, परिषद ने दो पीड़ितों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने मुल्क में हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा और हत्या की घटनाओं पर दुख जताया है। साथ ही कहा है कि बांग्लादेश में हो रही हिंसा का असर पड़ोसियों पर भी हो रहा है। फिलहाल, हसीना भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है।
सीएनएन न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में हसीना ने हमलों को लेकर कहा कि ये हमले धार्मिक कट्टरपंथ और भीड़ की मानसिकता के मेलजोल से हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों को ही अंतरिम सरकार ने बगैर किसी रोक के छूट दे रखी है। उन्होंने कहा कि दीपू दास की हत्या बहुत ही वीभत्स अपराध था, जो दिखाता है कि कट्टरपंथ कितनी गहरी जड़ें जमा चुका है। उन्होंने दावा किया कि वो एक अकेली घटना नहीं है।
उन्होंने कहा, 'जब से यूनुस ने सत्ता संभाली है, तब से हजारों अल्पसंख्यकों ईसाइयों, हिंदुओं, बौद्धों और शांति पसंद अहमदिया मुसलमान को निशाना बनाया गया। और इसकी लगभग कोई जवाबदेही नहीं है।' उन्होंने कहा, 'मंदिर, चर्च और मस्जिदों को तबाह किया जा रहा है, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति दबा दी जा रही है और महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से दूर किया जा रहा है।'
उन्होंने कहा, 'इन सब को कट्टरपंथी विचारधारा के नाम सही ठहराया जा रहा है।' उन्होंने कहा, 'ऐसी हिंसा को सिर्फ मजबूत, लोकतांत्रिक रूप से चुने हुए नेतृत्व के जरिए रोका जा सकता है, जो साफतौर पर कट्टरपंथ को खारिज करती है। साथ ही कानून के तहत अल्पसंख्यकों को पूरी और बराबरी की नागरिकता देती है।'
भारत से क्या है उम्मीद?
हसीना ने कहा, 'भारत हमेशा बांग्लादेश का भरोसेमंद दोस्त रहा है और हम इस समर्थन का सम्मान करते हैं। आज जो हिंसा सामान्य हो चुकी है, वो सिर्फ आंतरिक रूप से बांग्लादेश को ही नहीं, बल्कि हमारे पड़ोसियों को भी अलर्ट कर रही है। वो पड़ोसी जो उत्पीड़न और अराजकता होते हुए देख रहे हैं।'
उन्होंने कहा, 'मैं भारत से लोकतांत्रिक सिद्धांतों, अल्पसंख्यकों के अधिकारों, क्षेत्रीय शांति और बांग्लादेश में निष्पक्ष चुनाव के मत पर अडिग रहने की अपील करती हूं। एक स्थिर और लोकतांत्रिक बांग्लादेश सिर्फ हमारे देश ही नहीं, बल्कि भारत और दक्षिण एशिया के अन्य सीमाओं के लिए भी मददगार होगा।'
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के प्रवक्ता के अनुसार, दिसंबर से अब तक हिंदू समुदाय के सात लोगों की हत्या हो चुकी है। हालांकि, परिषद ने दो पीड़ितों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार के सत्ता से अपदस्थ होने के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हुई कई घटनाओं में वहां की हिंदू आबादी प्रभावित हुई है। वर्ष 2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश में लगभग 1.31 करोड़ हिंदू रहते हैं, जो कुल जनसंख्या का लगभग 7.95 प्रतिशत है।

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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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