
फांसी की सजा पर क्या बोलीं शेख हसीना, कोर्ट के फैसले पर उठा दिए सवाल; यूनुस सरकार को भी घेरा
संक्षेप: बांग्लादेश में मिली फांसी की सजा पर शेख हसीना की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने न सिर्फ कोर्ट के फैसले की निंदा करते हुए इस पर सवाल उठाया, बल्कि यूनुस सरकार को भी घेरा है। हसीना ने कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का सही मौका नहीं दिया गया।
बांग्लादेश में मिली फांसी की सजा पर शेख हसीना की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने न सिर्फ कोर्ट के फैसले की निंदा करते हुए इस पर सवाल उठाया, बल्कि यूनुस सरकार को भी घेरा है। हसीना ने कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का सही मौका नहीं दिया गया। ढाका की एक अदालत द्वारा सुनाए गए इस फैसले की निंदा करते हुए इसे एक ठगी बताया है। साथ ही उन्होंने इसे पूर्व निर्धारित फैसला बताया और एक गैरनिर्वाचित सरकार का अलोकतांत्रिक परिणाम करार दिया।
गौरतलब है कि बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी-बीडी) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई है। उन्हें यह सजा पिछले साल सरकार के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान घातक कार्रवाई के लिए सुनाई गई है। ट्रिब्यूनल ने उनके अलावा पूर्व गृह मंत्री असदोज्जमां खान कमाल को भी मौत की सजा सुनाई है। इन दोनों को मानवता के विरुद्ध विभिन्न अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था। शेख हसीना इस समय में भारत में हैं और उनकी अनुपस्थिति में उनके खिलाफ मुकदमा चलाया गया।
बता दें कि बांग्लादेश में अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानवता के विरुद्ध कथित अपराध के एक मामले में विशेष न्यायाधिकरण के फैसले से पहले सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बीच सोमवार को हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आईं।

सामान्य दिनों में सुबह के समय यातायात जाम से जूझने वाली राजधानी ढाका की सड़कों पर सोमवार को सन्नाटा पसरा रहा। कुछेक कार और रिक्शे ही कड़ी निगरानी वाले चौराहों से गुजरते दिखाई दिए। हालांकि, वक्त गुजरने के साथ ही शहर में हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आईं।
प्रदर्शनकारियों ने सड़कें अवरुद्ध करने के लिए पेड़ों के तने और टायर जलाए, जबकि ढाका के कई इलाकों में कई देसी बम विस्फोट हुए। देश के कई अन्य हिस्सों से भी इसी तरह की हिंसा की खबरें आईं।





