शेख हसीना को बांग्लादेश वापस भेजने पर भारत का बड़ा बयान, कहा- हम शुरुआत से ही…
इससे पहले शेख हसीना ने पिछले सप्ताह एक इंटरव्यू में कहा है कि वे स्वदेश लौटकर सरेंडर कर देंगीं। उनके इस बयान के बाद कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारत ने शेख हसीना से जुड़े सवालों पर बड़ा बयान दिया है।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना 2024 में देश छोड़ने के बाद से ही भारत में हैं। अब हसीना ने पिछले सप्ताह यह कहकर हलचल मचा दी है कि वे जल्द ही अपने वतन वापस लौट सकती हैं। उनके बयान के बाद एक तरफ जहां बांग्लादेश ने कहा है कि हसीना का ढाका में स्वागत है, वहीं दूसरी तरफ यह सलाह भी दी है कि उन्हें सबसे अच्छा वकील लेकर आना चाहिए। इस पर अब भारत की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। भारत ने शेख हसीना की ढाका वापसी को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि इस मामले में सरकार का रुख शुरुआत से ही स्पष्ट है और भारत इसी रुख पर कायम रहेगा।
मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने शेख हसीना से जुड़े सवालों के जवाब देते हुए कहा कि भारत के दृष्टिकोण में कोई बदलाव नहीं आया है। इस सवाल पर कि क्या भारत सरकार शेख हसीना की सुरक्षित वापसी को लेकर बांग्लादेशी अधिकारियों के संपर्क में है, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “इस मामले में हमारे दृष्टिकोण में कोई बदलाव नहीं आया है। प्रत्यर्पण से जुड़ा कोई भी मामला एक कानूनी मुद्दा होता है और इससे कानून और तय नियमों के अनुसार ही निपटा जाएगा।”
बता दें कि भारत पहले भी कई बार यह स्पष्ट कर चुका है कि बांग्लादेश की तरफ से आने वाली किसी भी प्रत्यर्पण की मांग को कानूनी दायरों के तहत ही सुलझाया जाएगा। बांग्लादेश पहले भी कई बार भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पन की अपील करता रहा है। इस साल तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने खुद भारत पहुंचकर हसीना को वापस भेजने की मांग की थी। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के सामने अपनी यह मांग दोहराई थी। हालांकि भारत ने इस अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया था।
शेख हसीना को मिली है मौत की सजा
गौरतलब है कि जुलाई अगस्त 2024 में बांग्लादेश में छात्रों के नेतृत्व में हसीना की सरकार के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। आंदोलन के बाद शेख हसीना को पद और देश दोनों छोड़ना पड़ा था। तब से हसीना भारत में ही रह रही हैं। उधर बांग्लादेश की एक ट्रिब्यूनल ने प्रदर्शनकारियों पर कथित हिंसक कार्रवाई का आदेश देने के आरोप में नवंबर 2025 में उन्हें मौत की सजा सुना दी। अलग-अलग मामलों में उन्हें कई साल जेल की भी सजा सुनाई गई है। बांग्लादेश का कहना है कि हसीना को वापस लौटकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करना चाहिए।
वापसी का किया ऐलान
इससे पहले शेख हसीना ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा है कि वे किसी भी हालत में बांग्लादेश जरूर लौटेंगी। शेख हसीना ने यह भी कहा है कि वे वतन लौटकर कोर्ट में सरेंडर करने के लिए तैयार हैं। यह पहली बार है जब हसीना ने अपनी वापसी और कोर्ट में सरेंडर को लेकर इस तरह का बयान दिया है। शेख हसीना ने रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि वो और बांग्लादेश में बैन हुई उनकी पार्टी आवामी लीग के कई नेता दिसंबर के आसपास स्वदेश लौटकर आत्मसमर्पण करेंगे।
इंटरव्यू के दौरान शेख हसीना ने भारत और बांग्लादेश के बीच उन्हें सौंपने को लेकर चल रही खींचतान पर भी बयान दिया। शेख हसीना ने कहा, "ढाका के अधिकारी मुझे वापस ले जाना चाहते हैं और वे मुझे सौंपने के लिए भारत को बार-बार पत्र भेज रहे हैं। इसकी जरूरत नहीं है, मैं खुद ही वापस चली जाऊंगी।" शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश लौटते ही उनकी हत्या भी कराई जा सकती है, लेकिन वे फिर भी लौटेंगीं। उन्होंने कहा, “वे मुझे लौटते ही गिरफ्तार कर सकते हैं, यहां तक कि वे मुझे मार भी सकते हैं। इसके बावजूद मुझे जाना होगा। मेरी पार्टी के कार्यकर्ताओं का दमन हो रहा है। अगर मौत आनी ही है, तो मैं चाहती हूं कि वह मेरी अपनी मिट्टी पर आए, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं और जहां उनका खून बहा था।”
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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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