शेख हसीना के एक कदम से घबराया बांग्लादेश, भारत ने भी दे दिया है टका सा जवाब
बता दें कि इससे पहले 5 अगस्त 2024 को ही वह देश छोड़कर भारत पहुंची थी। बुधवार को शेख हसीना 2 सालों में पहली बार लाइव इंटरैक्शन करने वाली हैं। बांग्लादेश सरकार ने इस आयोजन पर सवाल उठाए हैं।

बांग्लादेश इन दिनों घबराया हुआ है। इसकी वजह है देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर हुई नई घोषणा। दरअसल बांग्लादेश छोड़कर भारत में शरण लेने वालीं शेख हसीना 2 सालों में पहली बार मीडिया से लाइव जुड़ेंगी। वह मीडिया से सीधा मुखातिब होंगी और उनके सवालों के जवाब भी देंगी। इस कार्यक्रम के ऐलान के बाद से ही बांग्लादेश बेचैन हो उठा है। ढाका ने भारत से इस कार्यक्रम को रोकने की गुहार भी लगाई है। हालांकि भारत ने बांग्लादेश को टका सा जवाब दे दिया है।
बता दें कि बांग्लादेश में अगस्त 2024 में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना देश छोड़कर भारत आईं थी और तब से यहां किसी गुप्त स्थान पर रह रही हैं। बुधवार को वह वर्चुअल तरीके से विदेशी पत्रकार क्लब में एक प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगी। इससे पहले उन्होंने सिर्फ लिखित बयान ही जारी किए थे। अब भारत पहुंचने के बाद वे पहली बार वर्चुअल तरीके से ही सही, पहली बार लोगों से रूबरू होंगी।
घबराया बांग्लादेश
बांग्लादेश सरकार ने इस आयोजन पर सवाल उठाए हैं। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने बयान दिया कि एक भगोड़े नेता को भारत किस आधार पर ऐसी राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति दे रहा है। उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ भविष्य की सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हम नहीं चाहते कि इस प्रक्रिया पर कोई असर पड़े। इसलिए भारत को अपना रुख साफ करना चाहिए।
वहीं शेख हसीना के इस कदम को लेकर जानकारों का कहना है अपना पक्ष रखने से हसीना बांग्लादेश के लोगों की सहानुभूति बटोर सकती हैं। ढाका इस बात को लेकर ही चिंतित है। गौरतलब है कि इससे पहले बांग्लादेश की एक ट्रिब्यूनल ने मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी मानते हुए हसीना को मौत की सजा सुनाई थी। उन पर जुलाई-अगस्त 2024 में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर हिंसक कार्रवाई के आरोप लगे हैं। हालांकि हसीना ने इन आरोपों से पूरी तरह इनकार किया है। ऐसे में तारिक रहमान सरकार को डर है कि शेख हसीना अपना पक्ष मजबूत करने के लिए ये तरीके अपना रही हैं।
क्या कह रहा भारत?
इस बीच भारत ने बांग्लादेश को सधा हुआ जवाब दे दिया है। बांग्लादेश की चिंताओं पर सवाल पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह एक निजी कार्यक्रम है, इससे सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक साक्षात्कार की प्रक्रिया में सरकार की भूमिका नहीं है। मीडिया ईमेल के जरिए सीधे उनसे संपर्क कर रहा है और साक्षात्कार देना या न देना उनका फैसला है। सूत्रों का कहना है, आने वाले दिनों में कई और साक्षात्कार देकर शेख हसीना बांग्लादेश की जनता समेत दुनिया के समक्ष अपना पक्ष रखेंगी। यह बात बांग्लादेश सरकार को नागवार गुजर रही है।
प्रत्यर्पण की मांग कर रहा बांग्लादेश
बांग्लादेश की सरकार ने कई बार शेख हसीना को ढाका भेजने की मांग दोहराई है। बांग्लादेश ने उनके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक अनुरोध भी किया है। हालांकि भारत में अभी तक कोई कानूनी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। जानकारों की मानें तो भारत का मानना है कि अगर हसीना खुद वापस जाने का फैसला करती हैं तो फिर इसकी जरूरत ही नहीं रहेगी। इससे पहले हसीना ने पिछले महीने एक इंटरव्यू में संकेत दिए थे कि वे दिसंबर में वतन वापसी कर सकती हैं।
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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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