प्रवक्ता को सैलरी नहीं मिलती, शहजाद पूनावाला बोले; बताया आगे क्या करेंगे
इससे पहले पूनावाला ने 31 जुलाई को एक्स पर अपना बायो बदल दिया। नए बायो में भाजपा का जिक्र नहीं था। इसके बाद से ही उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें लगने लगीं। अब उन्होंने खुद स्थिति साफ की है।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे शहजाद पूनावाला पार्टी से इस्तीफा देकर चर्चा में आ गए हैं। अब उन्होंने पार्टी से इस्तीफे की वजह भी साफ कर दी है। एक इंटरव्यू में शहजाद पूनावाला ने कहा है कि पार्टियों के प्रवक्ता को सैलरी नहीं मिलती और यह एक स्वैच्छिक पद होता है। उन्होंने यह भी कहा है कि वे अपने फैसले पर कायम हैं और इसे बदलेंगे नहीं। बता दें कि इससे पहले शहजाद पूनावाला ने सोमवार को पार्टी को बताया था कि उन्होंने 30 जुलाई को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
न्यूज 24 के साथ एक इंटरव्यू में शहजाद पूनावाला ने बताया कि वे साल 2024 से ही पार्टी छोड़ने की योजना बना रहे थे। उन्होंने काम और राजनीति के बीच संतुलन बनाने के दौरान पैदा हुई आर्थिक परिस्थितियों को संभालने के लिए वापस पुरानी नौकरी करने का फैसला किया है।
पूनावाला ने अपने फैसले की वजह बताते हुए कहा, "मैं 2024 से ही इसकी योजना बना रहा था। मैं पहले सर्विस इंडस्ट्री में था और वह एक सैलरी वाली नौकरी थी, जिसे मैंने छोड़ दिया था। मैंने राजनीति को अपना पूरा समय दिया लेकिन जब मुझे लगा कि अब या तो मैं नौकरी चुन सकता हूं या राजनीति, तो मैंने वापस अपनी नौकरी करने का फैसला किया।"
प्रवक्ता को सैलरी नहीं मिलती- पूनावाला
शहजाद पूनावाला ने बताया कि उन्होंने अपने इस फैसले को लेकर पार्टी से संपर्क किया था। पार्टी नेतृत्व ने उनसे इस फैसले पर दोबारा सोचने को भी कहा, लेकिन वे राजी नहीं हुए। पूनावाला ने इंटरव्यू में कहा, “मैं अपने फैसले पर टिका हुआ हूं। प्रवक्ता को सैलरी नहीं मिलती, यह एक स्वैच्छिक पद है।”
'भाजपा की विचारधारा का समर्थन करता रहूंगा'
शहजाद पूनावाला ने आगे बताया कि भाजपा ने उन पर कभी अपनी राय रखने पर पाबंदी नहीं लगाई। उन्होंने कहा, "सच्चाई यह है कि केवल भाजपा में ही आप स्वतंत्र रूप से अपनी बात रख सकते हैं। जब भी कोई बात होती थी, भाजपा हमेशा बुलाकर चर्चा करती थी।" उन्होंने आगे जोड़ा, "मैं भाजपा के लिए सीधे तौर पर काम नहीं करूंगा, लेकिन पार्टी की सोच और विचारधारा का समर्थन करना जारी रखूंगा।" पूनावाला ने यह। भी कहा कि युवाओं, मिडिल क्लास और राजनीति में आने की इच्छा रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए भाजपा आज भी सबसे बेहतरीन मंच है।
आगे क्या करेंगे शहजाद पूनावाला?
शहजाद पूनावाला ने अपने आगे के कदम को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ संकेत दिए हैं। भाजपा से इस्तीफे की आधिकारिक घोषणा करने से ठीक एक दिन पहले पूनावाला ने इंस्टाग्राम पर अपने नए सोशल मीडिया इनिशिएटिव 'द मेनिफेस्टो' की घोषणा की। इसका मुख्य उद्देश्य मिडिल क्लास लोगों के मुद्दों को सामने लाना है। वीडियो में पूनावाला ने मिडिल क्लास की समस्याओं को उठाया है और सवाल उठाए कि यूरोप जैसे देशों के स्तर पर टैक्स देने के बावजूद क्या भारतीयों को वैसा जीवन स्तर वापस मिलता है?
नितिन नवीन को सौंपा इस्तीफा
इससे पहले शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अपना इस्तीफा शेयर किया। पूनावाला ने लिखा कि उन्होंने 30 जुलाई को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को पत्र लिखकर 'व्यक्तिगत और आर्थिक परिस्थितियों के कारण' भाजपा में सभी पदों और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की पेशकश की थी।
नवीन को लिखे पत्र में पूनावाला ने कहा कि इस्तीफा तुरंत स्वीकार नहीं करने और फैसले पर पुनर्विचार करने के अनुरोध से वह काफी भावुक हो गए हैं। पूनावाला ने कहा, ''लेकिन लंबे और गहन विचार-विमर्श के बाद मैंने यह अंतिम निर्णय लिया है कि मैं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद और सक्रिय प्राथमिक सदस्यता की भूमिका से मुक्त किए जाने का आग्रह करना चाहता हूं। पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं और कुछ ऐसे लोगों की वजह से, जिनके बारे में मैंने आपको विस्तार से बताया है, मुझे अपने पहले के फैसले पर कायम रहने और उसे दोहराने के लिए मजबूर होना पड़ा है।'' पूनावाला कांग्रेस छोड़ने के बाद दिसंबर 2017 में भाजपा में शामिल हुए थे।


