TMC के बागी सांसदों में शत्रुघन सिन्हा का भी नाम? देखें- 19 MPs की पूरी लिस्ट
बागियों की तरफ से लोकसभाा अध्यक्ष को जो चिट्ठी सौंपी गई है, उस पर दस्तखत करने वालों में शत्रुघन सिन्हा का भी नाम है। इस लिस्ट के सामने आने के बाद नई दिल्ली से कोलकाता तक सियासी हलकों में हलचल मच गई है।

ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 28 में से 19 बागी लोकसभा सांसदों की लिस्ट में एक चौंकाने वाला नाम भी सामने आया है। बागियों की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष को जो चिट्ठी सौंपी गई है, उस पर दस्तखत करने वालों में शत्रुघन सिन्हा का भी नाम है। इस लिस्ट के सामने आने के बाद नई दिल्ली से कोलकाता तक सियासी हलकों में हलचल मच गई है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक इस लिस्ट में 19 नाम शामिल हैं। लिस्ट में यूसुफ पठान और सायोनी घोष के नाम भी दर्ज हैं।
इस लिस्ट में शॉटगन कहलाने वाले शत्रुघन सिन्हा के अलावा हाल ही में चर्चा में आए यूसुफ पठान, पार्थ भौमिक, काकोली घोष दस्तीदार, बापी हलदर, सयोनी घोष, रचना बनर्जी, असित मल, के रहमान, शर्मिला सरकार, मिताली बाग के नाम भी शामिल हैं।
यहां देखें पूरी लिस्ट
कथित तौर पर बागी गुट में शामिल होने वाले टीएमसी सांसदों के नाम और उनके निर्वाचन क्षेत्र के नाम इस प्रकार हैं:
शत्रुघन प्रसाद सिन्हा (आसनसोल)
काकोली घोष दस्तीदार (बारासात)
सायोनी घोष (जादवपुर)
जगदीश चंद्र बसुनिया (कूचबिहार)
खलीलुर रहमान (जंगीपुर)
यूसुफ़ पठान (बहरामपुर)
अबू ताहिर खान (मुर्शिदाबाद)
पार्थ भौमिक (बैरकपुर)
बापी हलदार (मथुरापुर)
माला रॉय (कोलकाता दक्षिण)
कालीपद सोरेन (झालग्राम)
मिताली बाग (आरामबाग)
दीपक अधिकारी (घाटल)
जून मालिया (मेदिनीपुर)
अरूप चक्रवर्ती (बांकुरा)
शर्मिला सरकार (वर्धमान पूर्व)
असित कुमार मॉल (बोलपुर)
शताब्दी रॉय (बीरभूम)
रचना बनर्जी (हुगली)
सुष्मिता देव ने भी पार्टी से दिया इस्तीफा
बता दें कि तृणमूल कांग्रेस की टेंशन दिन-ब दिन बढ़ती जा रही है। आज ही दिन में, राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे से कुछ दिन पहले ही राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने भी तृणमूल कांग्रेस छोड़ दी थी और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। दोनों नेताओं ने अपने फैसले की घोषणा करते हुए पार्टी लीडरशिप के साथ मतभेदों का हवाला दिया। ममता की करीबी सायोनी घोष भी इस लिस्ट में शामिल हो चुकी हैं। लगातार हो रहे इन इस्तीफों ने पार्टी की भविष्य की दिशा और इस बात को लेकर अटकलें तेज कर दी हैं कि क्या आने वाले दिनों में और भी नेता ऐसा ही कदम उठा सकते हैं।
इससे पहले बागी गुट की अगुवाई कर रही लोकसभा सदस्य काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया था कि पार्टी के 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखने का फैसला किया है। दस्तीदार ने तब कहा था, ''मेरे समेत टीएमसी के लगभग बीस सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर राजग को औपचारिक रूप से समर्थन देने का फैसला किया है।''सूत्रों के अनुसार, बागी सांसद लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष यह तर्क देने का इरादा रखते हैं कि दस्तीदार लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक बनी रहेंगी।
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लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


