
बेटे को नौकरी से निकाले जाने पर शशि थरूर हैरान, बोले- यह आत्मघाती और...
Shashi Tharoor: कांग्रेस नेता शशि थरूर के बेटे ईशान को वाशिंगटन पोस्ट ने नौकरी से निकाल दिया है। अमेरिकी अखबार के इस फैसले पर हैरानी जताते हुए कांग्रेस सांसद ने इस कदम और आत्मघाती और खराब बिजनेस फैसला करार दिया। उन्होंने कहा कि अखबार को अपनी पहुंच का इस्तेमाल करना चाहिए था।
Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान और करीब 300 से ज्यादा पत्रकारों को वाशिंगटन पोस्ट ने नौकरी से हटा दिया है। कांग्रेस नेता ने अमेरिका के प्रतिष्ठित न्यूज पेपर द्वारा की गई इस कार्रवाई पर हैरानी जाहिर करते हुए कहा कि अखबार को आर्थिक संकट के समय पर लोगों को नौकरी से हटाने की जगह अपने कंटेंट की पहुंच को कमाई का जरिया बनाने की कोशिश करनी चाहिए, न की इसकी पहुंच को खत्म कर देना चाहिए था।
सोशल मीडिया साइट एक्स पर इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए थरूर ने कहा कि ईशान का वर्ल्डव्यू कॉलम इंटरनेट पर काफी असरदार रहा है। प्रबंधन को इसका फायदा उठाने की कोशिश करनी चाहिए थी। उन्होंने अखबार के इस फैसले को आत्मघाती और एक खराब व्यावसायिक निर्णय करार दिया है। उन्होंने लिखा, "द वाशिंगटन पोस्ट के इस तथाकथित बिजनेस डिसीजन की सबसे अजीब बात यह है कि ईशान थरूर का कॉलम इंटरनेट पर बहुत ज्यादा सफल है। उनके न्यूजलेटर के करीब 5 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। मैं ऐसे कई विदेश मंत्रियों, राजनयिकों और विद्वानों से मिला हूं, जो ईशान का कॉलम रोज पढ़ते थे।"
आपको बता दें, बेटे को नौकरी से निकाले जाने पर शशि थरूर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब प्रसिद्ध इतिहासकार आंद्रे पाग्ली ने ईशान की तारीफ करते हुए उन्हें वैश्विक मामलों में बेजोड़ करार दिया था। पाग्ली ने लिखा, "उनके क्षेत्र में ईशान से बेहतर या उनके बराबर भी कोई नहीं है। इस खबर से दुखी हूं, लेकिन भरोसा है कि हम जल्दी ही उन्हें फिर से कुछ लिखते हुए पढ़ेंगे।"
आपको बता दें, अमेरिका के मशहूर अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने आर्थिक संकट के चलते 300 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। उनके इस फैसले की काफी आलोचना हो रही है। इस खबर के सामने आने के बाद ईशान थरूर ने भी इसकी जानकारी दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, "आज मुझे वाशिंगटन पोस्ट से निकाल दिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय टीम के अधिकांश सदस्यों और कई बेहतरीन साथियों के साथ। मैं अपने न्यूजरूम के लिए दिल से टूट गया हूं, खासकर उन अद्वितीय पत्रकारों के लिए जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोस्ट की सेवा की थी।”
आपको बता दें, ऑपरेशन सिंदूर के बाद शशि थरूर जब भारत का पक्ष रखने के लिए अमेरिका पहुंचे थे, उसी वक्त एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईशान भी वहां पर मौजूद थे। उन्होंने भी थरूर से सवाल पूछा था। इसके बाद ईशान चर्चा में आ गए थे। दूसरी तरफ अगर वाशिंगटन पोस्ट की छंटनी की बात करें, तो पूरे पत्रकारिता जगत ने इसकी आलोचना की है। अखबार के पूर्व कार्यकारी संपादक मार्टी बैरन ने इस मामले में प्रबंधन की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह फैसला दुनिया के सबसे महान अखबार संगठन के इतिहास का सबसे काला इतिहास है। सूत्रों के मुताबिक, इन कटौतियों ज्यादा असर विदेशी ब्यूरो, स्थानीय रिपोर्टिंग टीमों और बिजनेस डिवीजन के बड़े हिस्सों पर पड़ा है। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग ढांचे पूरी तरह खत्म कर दिए गए हैं, जिसके वैश्विक पत्रकारिता पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं।

लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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